Bokaro News : गैरमजरुआ और वन भूमि पर कब्जा करना है गैरकानूनी

Bokaro News : प्रभात खबर के ऑनलाइन लीगल काउंसेलिंग में पाठकों के सवालों पर कानूनी सलाह दी गयी.

गैरमजरुआ और वन भूमि पर कब्जा करना गैरकानूनी है. दोषी को सूचना देकर कभी भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. अच्छा है कि जमीन लेने से पहले या किसी भी जमीन को दखल करने से पहले हर पहलू की जानकारी लें. किसी भी अपरिचित से जमीन लेने की स्थिति में सीओ कार्यालय से पूरी छानबीन करें. यह बातें बोकारो कोर्ट के वरीय अधिवक्ता मो अब्दुल जब्बार अंसारी ने रविवार को ”प्रभात खबर” के ऑनलाइन लीगल काउंसेलिंग में पाठकों के सवालों पर कानूनी सलाह देने के दौरान कही. ”प्रभात खबर” के ऑनलाइन लीगल काउंसेलिंग में धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, बगोदर सहित अन्य जगहों के पाठकों के लगातार फोन आते रहे. सभी के सवालों के जवाब मो अब्दुल ने दिये. कानून के तहत समाधान की राह बतायी.

बोकारो से बीरबल महतो का सवाल : एक खतियान में छोटे बेटे का नाम है. जबकि बड़े बेटे के पुत्र ने उस जमीन को बेच दिया. ऐसे में क्या उस जमीन को हासिल किया जा सकता है.

अधिवक्ता की सलाह : जमीन जिसके नाम का है, उसे वही व्यक्ति बेच सकता है. दूसरे के बेचने पर कोई हक नहीं जमा सकता है. जिसके नाम से जमीन है, कोर्ट में आवेदन दें. मामला उसके पक्ष में जायेगा.

पाठकों के सवालों पर दिये जवाब

कोडरमा से सुहानी कुमारी का सवाल : ससुराल में लगातार घरेलू हिंसा की शिकार हो रही है. थाना स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है. न्याय के लिए कहां गुहार लगाये.

अधिवक्ता की सलाह : पहले लिखित शिकायत पुलिस के वरीय अधिकारियों तक पहुंचाये. सुनवाई नहीं होने की स्थिति में न्यायालय की शरण में जाये. नि:शुल्क विधिक सहायता मिलेगी.

गिरिडीह से शबनम का सवाल : हम दोनों पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है. सामाजिक स्तर पर बीच-बीच में सुलह होती है. इसके बाद मामला बिगड़ जाता है. ऐसे में क्या करना चाहिए.

अधिवक्ता की सलाह : जीवन को सरलता से चलाने के लिए आपसी सामंजस्य जरूरी है. स्थिति हद से ज्यादा बिगड़ जाने पर सहमति से अलग हो जाना चाहिए. बोकारो से खुशी कुमारी वर्मा का सवाल : ससुराल में दहेज के लिए सास व ससुर प्रताड़ित करते हैं. पति अपने माता व पिता को नहीं रोकते हैं और न ही मेरे तरफ से कुछ बोलते हैं.

अधिवक्ता की सलाह : मायका पक्ष का सहारा लेकर बात को बनाने की कोशिश करे. पति से भी बात करें कि उनका बरताव ऐसा क्यों हो रहा है. बात हद से अधिक बढ़ने पर चुप नहीं रहे. थाना स्तर पर सुलह करने की कोशिश करें. विफल होने पर ही न्यायालय में जाये. बोकारो से सज्जन अग्रवाल का सवाल : पूरी जिंदगी की कमाई बाल-बच्चों पर खर्च कर दी. अब शादी के बाद बच्चों के व्यवहार में बदलाव आया गया है. हमें खरी-खोटी सुनाते हैं. हमें ही घर से बाहर करने पर तुले हैं.

अधिवक्ता की सलाह : ऐसा करना किसी भी हाल में बच्चों के लिए संभव नहीं होगा. आपकी कमाई हुई संपत्ति पर आपका अधिकार है. सामाजिक स्तर पर बात नहीं बनती है, तो आप बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं. गिरिडीह के प्रभात कुमार शर्मा का सवाल : मेरे पिता ने दो शादी है. मैं पहली पत्नी का पुत्र हूं. मेरे पिता ने अपनी संपत्ति बेच दी है. अब मेरे नाम की जमीन को बेच कर मुझे बेघर करना चाहते हैं.

अधिवक्ता की सलाह : जमीन दादा के नाम से है, तो उसकी बिक्री रद्द हो जायेगी. आपके पैसे से खरीदी गयी जमीन को कोई अन्य नहीं बेच सकता है. जमीन के कागजात के साथ न्यायालय का सहारा लें. धनबाद से संजय मिश्रा का सवाल : एक स्कूटी खरीदी थी. स्कूटी बेकार निकली तो मामला उपभोक्ता फोरम में ले गया. तीन साल हो गये. अब तक न्याय नहीं मिला.

अधिवक्ता की सलाह : उपभोक्ता फोरम में न्याय मिलने में देरी हो रही है, तो फोरम के अध्यक्ष से मिल कर सारी जानकारी दे. हो सकता है कुछ पहलू छूट रहा है, जिसकी जानकारी आप तक नहीं पहुंच पा रही है. मामले को समझे. फोरम से न्याय मिलेगा.

कोडरमा से संजय कुमार का सवाल : सरकारी कर्मचारी पर मैंने केस किया है. 15 माह हो गये, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है. वरीय पुलिस अधिकारी के पास शिकायत की है. अब क्या हो सकता है.

अधिवक्ता की सलाह : कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में न्यायालय का सहारा लें. न्यायालय को पूरी बातों की जानकारी साक्ष्य के साथ उपलब्ध करायें. हर हाल में पुलिस अधिकारी को कार्रवाई करनी होगी.

बोकारो पिपराटांड़ से जियाउल हक का सवाल : शादी के बाद लड़की ससुराल में रहना नहीं चाह रही है. जबकि लड़का रखना चाह रहा है. लड़की स्त्री धन को लेकर ससुराल पक्ष पर लगातार दबाव बना रही है.

अधिवक्ता की सलाह : पारिवारिक सलाह व पंचायती के माध्यम से मामले में सुलह करने की कोशिश करें. समाधान का रास्ता नहीं निकलने पर न्यायालय की शरण लें. जिला विधिक सेवा प्राधिकार में मामले को ले जाकर समाधान का रास्ता निकाले.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Janak singh choudhary

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >