बोकारो.
बिना पुलिस वेरिफिकेशन के आवास किरायेदार को दिया, तो आवास मालिक को परेशानी हो सकती है. हर किरायेदार की पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी है. यदि किरायेदार अपराध में लिप्त मिले तो आवास मालिक को परेशानियों का सामना करना होगा. बताना होगा कि किस परिस्थिति में किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया. कानूनी कार्रवाई झेलनी होगी. पिछले तीन माह में चीरा चास, मनमोहन को-आपरेटिव कॉलोनी, बारी को-ऑपरेटिव, चास, पिंड्राजोरा, तलगड़िया सहित बोकारो जिला के कई इलाकों से साइबर अपराध में लिप्त लगभग तीन दर्जन से अधिक युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. ये सभी बिहार से बोकारो जिला में आकर किराये के आवास में रह रहे थे. आवास मालिक ने किसी का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था. आवास मालिक को पता तक नहीं था कि किरायेदार साइबर क्रिमिनल है. लगातार बढ़ रहे क्राइम को लेकर बोकारो पुलिस अलर्ट मोड में है. बोकारो में किराये पर आवास में रहनेवाले संदिग्ध प्रवृति के किरायेदारों की तलाश की जा रही है. पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि यदि किरायेदार की प्रवृति संदेहजनक लगे, तो सूचना नजदीकी थाना को दे, ताकि आनेवाले परेशानियों से आवासधारी के साथ-साथ आसपास के लोग बच सकें.बोले सिटी डीएसपी :
सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने कहा कि आवास मालिकों को लगातार बताया जा रहा है कि आवास देने से पूर्व किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन करायें. हम क्राइम को लेकर सतर्क हैं. बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किरायेदार रखने पर आवास मालिक को परेशानी हो सकती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
