Bokaro News : बोकारो जिले के कई जगहों पर शनिवार को ओले के साथ जमकर बारिश हुई. वहीं बेरमो अनुमंडल के तांतरी तुपकाडीह क्षेत्र में काफी देर तक ओले के साथ बारिश हुई. सड़कों के किनारे काफी ओला जमा हुआ था. ओला देखकर लोग शिमला जैसा नजारा महसूस कर रहे थे. बारिश के कारण तापमान में गिरावट आयी है. शाम में दूसरे दिनों की अपेक्षा ठंड बढ़ी हुई थी. ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़े का सहारा ले रहे हैं. इधर ओला गिरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है.
पेटरवार प्रखंड अंतर्गत पेटरवार, बुंडू, सदमाकला, कोह सहित अन्य पंचायतों के विभिन्न गांवों में शनिवार के अपराह्न साढ़े तीन बजे बेमौसम बारिश एवं ओला वृष्टि हुई. इससे किसानों के खेत व बारी में लगी फसलों एवं ईंट बनाने वाले लोगों को भारी क्षति का सामना करना पड़ा. किसानों की खेत बारी में इस समय लगे फूल गोभी, बंध गोभी, प्याज, लहसुन, पालक, झींगी, परवल, टमाटर, सरसों, धनिया, बैगन, करैला, लौकी, भिंडी आदि फसलों पर बेमौसम बारिश व ओला वृष्टि से भारी क्षति पहुंची है. साथ ही इन क्षेत्रों के आम पेड़ों पर लगे मंजर भी ओला वृष्टि से प्रभावित हो गये. ईंट बनाने वालों की कच्ची ईंट बर्बाद हो गयी. जरीडीह मेंफसलों व कच्ची ईंटों को हुआ नुकसान :
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रीडीह में अचानक हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों व ईंट भट्टा मालिकों की मेहनत पर पानी फेर दिया. जहां तुपकाडीह, भस्की,जैनामोड़ व आराजू समेत कई गांवों में सब्जी, गेहूं और सरसों की फसलें बर्बाद हो गईं. किसान शाम जब खेतों में पहुंचे, तो तबाही का मंजर देख सन्न रह गये. अराजू गांव के किसान निताई साव ने बताया कि भारी ओलावृष्टि से सब्जी व गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी है. जहां दिन में तेज धूप और शाम होते होते में बारिश-ओलावृष्टि शुरू हो गई. इधर जरीडीह प्रखंड में बेमौसम बारिश से चिमनी भट्ठा मालिकों को भी भारी नुकसान हुआ है. जहां पताई ईंट बारिश के कारण गल गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
