महान योद्धा, चिंतक, कवि थे गुरु गोविंद सिंह : गुरमेल

महान योद्धा, चिंतक, कवि थे गुरु गोविंद सिंह : गुरमेल

– सेक्टर दो गुरुद्वारा में खालसा सृजन दिवस व बैसाखी गुरुपर्व मना संवाददाता, बोकारो सेक्टर दो स्थित गुरुद्वारा में रविवार को खालसा सृजन दिवस व बैसाखी गुरुपर्व मनाया गया. सुबह सिख समुदाय के लोग भक्तिभाव के साथ गुरुद्वारा पहुंचे. पंजाब के रागी जत्था के लवप्रीत सिंह जोश, भाई गुरविंदर सिंह के अलावा हर्षप्रीत कौर, रविदीप सिंह व कमलजीत कौर ने सबद-कीर्तन के माध्यम से गुरु की महिमा का गुणगान किया. गुरुद्वारा के सचिव गुरमेल सिंह ने कहा : गुरु गोविंद सिंह महान योद्धा, चिंतक, कवि व आध्यात्मिक व्यक्ति थे. गुरु जी ने पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा किया. उन्हें गुरु के रूप में प्रतिष्ठित किया. वर्ष 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की. गुरुजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं. गुरुजी के आदर्श को जीवन में करें आत्मसात : बताये जीजीइएस के सचिव सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा : गुरु गोविंद सिंह ने ऊंच-नीच, जाति-पाति व भेदभाव का विरोध किया. सदैव अत्याचार के विरुद्ध युद्ध किया. उनके आदर्श को जीवन में आत्मसात करना चाहिए. उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए. जेसीआइ बोकारो जज्बा की ओर से गुरुद्वारा में शिविर लगाया गया. श्रद्धालुओं के लिए शरबत की व्यवस्था की गयी. मौके पर इकबाल सिंह, राम सिंह, हरदेव सिंह, सन्नी, सर्वजीत सिंह, पिंदर सिंह, माइकल सिंह, मनिंदर सिंह, यशपाल सिंह, तरसेम सिंह, लखविंदर सिंह, अमरजीत कौर, चरणजीत कौर, बलविंदर कौर, सिमरजीत कौर, नमिता, रोजी, प्रीताशा, सपना, दीप्ति, भावना, नेहा, अलका आदि मौजूद थे.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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