अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति द्वारा चास के लक्ष्मीनारायण मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा महोत्सव के दूसरे दिन भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. नानी बाई की बत्तीसी सुन कर भावुक हो गये. कथा के दौरान भजनों व कीर्तन भी प्रस्तुत किये गये. कथा वाचक श्री मुकुंद शास्त्री ने कहा कि कलियुग में भी भगवान अपने सच्चे भक्तों की रक्षा करते हैं और समय-समय पर चमत्कार दिखा कर उनकी लाज रखते हैं. भक्त नरसी मेहता व नानी बाई के मायरे का भावुक प्रसंग सुनाया. उन्होंने बताया कि जब नानी बाई के ससुराल पक्ष द्वारा कुंकुम पत्रिका नरसी जी को भेजी गयी, तब आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित कर दिया. इससे प्रसन्न होकर भगवान ने नरसी जी की हुंडी स्वीकार की. इसका अर्थ है कि भगवान केवल सच्चे प्रेम और विश्वास के भूखे होते हैं. कथा के बाद प्रसाद वितरण किया गया. आयोजन को लेकर संयोजक संतोष केडिया सहित मीडिया प्रभारी विनीता खंडेलवाल व काजल भालोटिया, समिति की अध्यक्ष माया अग्रवाल, सचिव सुधा पिपुरिया, कोषाध्यक्ष उमा मनकसिया व सह कोषाध्यक्ष रीमा पोद्दार सक्रिय हैं.
Bokaro News : सच्चे प्रेम के भूखे होते हैं भगवान
Bokaro News : नानी बाई का मायरा कथा महोत्सव के दूसरे दिन काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
