बोकारो में अपनी तरह का यह पहला मौका है, जब झारखंड के विभिन्न जिलों-बोकारो, रांची, पाकुड़ आदि के अलावा निकटवर्ती पश्चिम बंगाल से भी विभिन्न विद्यालयों के 100 से अधिक प्रतिनिधि (डेलिगेट्स) कूटनीतिक मामलों पर विचार-मंथन को एकत्रित हुए हैं. अलग-अलग पोर्टफोलियो में बच्चे भारत, यूएसए, ईरान, जर्मनी, रूस, यूक्रेन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, लेबनान, आस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया, फिलिस्तीन, यूएई, दक्षिण अफ्रीका सरीखे देशों के प्रतिनिधि के रूप में अपना पक्ष रखते देखे-सुने गये. कार्यक्रम का उद्घाटन डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ एएस गंगवार, वरीय उप प्राचार्य अंजनी भूषण व उपप्राचार्या शालिनी शर्मा ने एमयूएन कार्यकारिणी परिषद के वरिष्ठ सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से किया. शोध व विश्लेषण प्रभारी मीनाक्षी तनु व विद्यार्थी समन्वयक ध्रुव लोधा ने सम्मेलन की रूपरेखा व इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला.
सकारात्मक बदलाव के लिए युवाओं की वैश्विक जागरुकता जरूरी : डॉ गंगवार
प्राचार्य डॉ गंगवार ने मॉडल यूनाइटेड नेशंस के आयोजन को गौरवपूर्ण बताया. कहा कि यह मंच युवा मस्तिष्कों को विचारशील, जिम्मेदार व वैश्विक स्तर पर जागरूक नागरिक बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है. यह एक आयोजन मात्र नहीं है, यह छात्रों में कूटनीति, तार्किक सोच, सहयोग व सहानुभूति के मूल्यों का परिचायक है. स्कूल का लक्ष्य शिक्षा प्रदान करने के साथ ऐसे सशक्त जिम्मेदार वैश्विक नागरिक तैयार करना है, जो अपनी आवाज और कूटनीति से दुनिया में सकारात्मक बदलाव ला सकें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
