चंद्रपुरा. चंद्रपुरा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का काम आठ साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है. चंद्रपुरा पंचायत के लोगों को घरों में पाइप लाइन से पानी मिलने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है. आने वाली गर्मी में भी योजना से पानी मिलने की संभावना कम है. पंचायत के झिंझिरघुटटू गांव में बुधवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे बेरमो के विधायक कुमार जयमंगल से गांव की महिलाओं ने पानी की समस्या को दूर कराने का आग्रह किया. कहा कि गांव के बाहर टंकी तो बनी है, लेकिन अभी तक चालू नहीं हुई. इधर, डीवीसी से गांव के बाहर कनेक्शन जरूर दिया गया है, मगर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है. विधायक ने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया. स्थानीय मुखिया अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि इस पेयजलापूर्ति योजना को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों से बात की गयी, मगर सिर्फ आश्वासन ही मिला. वर्ष 2017 में हुआ था योजना का शिलान्यास
झिंझिरघुटटु गांव के समीप जलापूर्ति योजना का शिलान्यास छह मार्च 2017 को किया गया था. शिलान्यास कार्यक्रम में तत्कालीन सांसद रवींद्र कुमार पांडेय और विधायक योगेश्वर महतो बाटूल मुख्य रूप से उपस्थित थे. उस समय कहा गया था कि एक वर्ष के अंदर पंचायत के लोगों को पाइप लाइन से पानी मिलने लगेगा. योजना की राह में रोड़े आते रहे. विभाग ने संवेदक को कई बार कार्य विस्तार भी दिया, मगर योजना अभी तक पूरी नहीं हुई है.आठ किमी दूर से लाया जाना है पानी
इस योजना के तहत बनायी गयी टंकी में आठ किमी दूर राजाबेड़ा स्थित दामोदर नदी के तट पर बने इंटेक वेल व फिल्टर प्लांट से पानी आयेगा. डीवीसी क्षेत्र में अधूरे पड़े पाइप लाइन भी बिछा दी गयी. तीन एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल, दो एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट व चार लाख 40 हजार लीटर क्षमता का जलमीनार बनाया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
