Bokaro News : घोषणा के 12 साल बाद भी नहीं बना सॉफ्टवेयर पार्क

Bokaro News : घोषणा के लगभग 12 साल बाद भी बोकारो में सॉफ्टवेयर पार्क नहीं बन पाया है.

घोषणा के लगभग 12 साल बाद भी बोकारो में सॉफ्टवेयर पार्क नहीं बन पाया है. 18 जून 2014 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसकी घोषणा की थी. लगा कि कोयला व लोहा के लिए प्रसिद्ध बोकारो जिला अब सिलकॉन वैली के तर्ज पर सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा. घोषणा के फौरन बाद एमओयू साइन किया गया. सॉफ्टवेयर पार्क के लिए 18 जुलाई 2016 को बियाडा क्षेत्र में भूमि आवंटित की गयी थी. 1.45 एकड़ भूमि पर पार्क बनना था. लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से पार्क बनना था. वर्ष 2017-18 में पार्क के पहले फेज का निर्माण हो जाना था. लेकिन, निर्माण तो छोड़िए एक ईंट भी इस दिशा में नहीं लगायी गयी. शिलापट्ट तक नहीं.

डिजाइन हुई तैयार, लेकिन फाइल में

जमीन आवंटित होने के बाद पार्क का डिजाइन तैयार करने की दिशा में पहल हुई. धनबाद के सिंदरी में स्थापित सॉफ्टवेयर पार्क का डिजाइन बनाने वाली कंपनी चड्डा एंड एसोसिएट ने ही बोकारो में प्रस्तावित पार्क का डिजाइन तैयार किया. डिजाइन को मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रालय में भेजा गया. बकायदा डीपीआर भी तैयार कर ली गयी थी.

वर्ष 2022 में सपने ने फिर से ली अंगड़ाई

2022 में सॉफ्टवेयर पार्क के सपने ने फिर से अंगड़ाई ली. पार्क निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम बनायी गयी थी. टीम की जिम्मेदारी पार्क निर्माण के क्षेत्र में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी थी, लेकिन 2022 के बाद अब तक इस दिशा में क्या हुआ, कोई बताने की स्थिति में नहीं है.

क्या पड़ोसी जिला के कारण रूका प्रोजेक्ट

जानकारों की माने तो बोकारो जिला में प्रस्तावित सॉफ्टवेयर पार्क पर ब्रेक पड़ोसी जिला धनबाद के अनुभव पर लगा है. धनबाद जिला में 2017 में सॉफ्टवेयर पार्क बन कर तैयार हुआ. लेकिन, शुरुआती 05 साल में यहां गतिविधि पुरी तरह बंद रही. 2022 में भारत सरकार ने उपनिदेशक के रूप में दीपक कुमार की पदस्थापना हुई, इसके बाद यहां गतिविधियों की थोड़ी शुरुआत हुई. लेकिन, ज्यादा कंपनी ने यहां काम शुरू नहीं किया. 2025 के अंत तक एकमात्र कंपनी टेक्निक सोल्यूशन ने काम शुरू किया है, जो जीएसटी से संबंधित टैक्स एप्लायंस तैयार कर रही है. वहीं केएनवी इंटरप्राइजेज नामक एक अन्य कंपनी ने लाइब्रेरी प्रबंधन से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए आवेदन दिया था. माना जा रहा है कि पार्क में अपेक्षित गति से काम नहीं होने के कारण बोकारो की योजना पर ब्रेक लगा दिया गया है.

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Published by: Janak singh choudhary

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