बोकारो. अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर इस वर्ष की थीम ‘लोगों, समृद्धि और पृथ्वी के लिए साक्षरता’ के अनुरूप ईएसएल स्टील लिमिटेड ने झारखंड में शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, प्रारंभिक बाल विकास, छात्रवृत्ति और कौशल विकास से जुड़ी अपनी पहलों की जानकारी साझा की. ईएसएल, वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड की सहायक कंपनी है.
कंपनी के अनुसार, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों व युवाओं के सीखने के बेहतर परिणाम, शिक्षा में सहयोग और रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं. इन पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा जारी रखने तथा करियर के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.
प्रोजेक्ट शिक्षा से 598 विद्यार्थियों को लाभ
ईएसएल की प्रमुख पहल ‘प्रोजेक्ट शिक्षा’ के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में झारखंड के छह लर्निंग रिसोर्स सेंटरों के माध्यम से 598 विद्यार्थियों को लाभ मिलने का दावा कंपनी ने किया है.
कंपनी के अनुसार, कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में इस कार्यक्रम से जुड़े सभी विद्यार्थी सफल रहे. इनमें 77.5 प्रतिशत विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की. कंपनी का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराकर उनके सीखने के परिणाम बेहतर करना है.
नंद घरों से 737 बच्चों तक पहुंच
प्रारंभिक बाल विकास के क्षेत्र में ईएसएल नंद घर केंद्रों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा और देखभाल उपलब्ध कराने का दावा करता है. कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में इन केंद्रों से 737 बच्चे लाभान्वित हुए.
ईएसएल ने बताया कि झारखंड में अब तक 150 नंद घरों के संचालन और सहयोग में योगदान दिया गया है. वर्तमान में कंपनी 12 नंद घर केंद्रों की निगरानी कर रही है. इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों के शुरुआती विकास और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर ध्यान दिया जा रहा है.
डिजिटल लर्निंग को दिया जा रहा बढ़ावा
ईएसएल की शिक्षा संबंधी पहलों में डिजिटल लर्निंग को भी शामिल किया गया है. कंपनी के अनुसार, झारखंड में वेदांता एएएस विद्यालय की शुरुआत के बाद से अब तक 1,700 से अधिक विद्यार्थियों तक इसकी पहुंच बनी है. वित्त वर्ष 2025-26 में 1,100 से अधिक विद्यार्थियों ने इसका लाभ उठाया.
कंपनी के मुताबिक, इस पहल के तहत बोर्ड परीक्षाओं में लगातार 100 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की गयी है. डिजिटल माध्यमों से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.
841 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण
शिक्षा के साथ युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं. ईएसएल के अनुसार, वेदांता ईएसएल स्किल स्कूल की स्थापना के बाद से झारखंड के 841 युवाओं को प्रशिक्षण और सहयोग दिया गया है.
कंपनी का कहना है कि प्रशिक्षण का उद्देश्य उद्योग की जरूरतों के अनुरूप युवाओं में कौशल विकसित करना और उनकी आकांक्षाओं तथा रोजगार के अवसरों के बीच की दूरी कम करना है. इससे युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
शिक्षा से समुदाय के विकास पर जोर
वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड-ईएसएल के सीइओ व होल टाइम डायरेक्टर रवीश शर्मा ने कहा कि शिक्षा में व्यक्ति के साथ पूरे समुदाय का भविष्य बदलने की क्षमता है. बच्चों और युवाओं को सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और जरूरी कौशल विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराना कंपनी की प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, प्रारंभिक बाल विकास और कौशल विकास से जुड़ी पहलें युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही हैं. कंपनी के अनुसार, इन कार्यक्रमों का व्यापक उद्देश्य शिक्षा को रोजगार और सामाजिक विकास से जोड़ना है.
