Bokaro News : संताली को प्रथम राजभाषा बनाने की मांग

Bokaro News : आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से शुक्रवार को अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर बाइक रैली निकाली गयी. संताली को संताली को प्रथम राजभाषा बनाने की मांग की.

बोकारो. आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से शुक्रवार को अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर जैनामोड़ वीर शहीद तिलक मुर्मू चौक से नयामोड़ वीर शहीद बिरसा मुंडा चौक होकर बोकारो उपायुक्त कार्यालय तक बाईक रैली निकाली गयी. इसके बाद उपायुक्त बोकारो जाधव विजया नारायण राव के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम ज्ञापन पत्र प्रदान किया गया. नेतृत्व सेंगेल बोकारो जिला अध्यक्ष सह बोकारो जोनल हेड सुखदेव मुर्मू ने किया. इससे पहले सभी सेंगेल के नेतागण ने शहीद तिलका मुर्मू व बिरसा मंडा के प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित किया. ज्ञापन पत्र सौंपनेवाले में प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय संयोजक हराधन मार्डी, प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण मुर्मू, प्रदेश संयोजक करमचंद हांसदा, जयराम सोरेन, सुगदा किस्कू, सेंगेल महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ललिता सोरेन आदि शामिल थे. सुखदेव मुर्मू ने कहा कि झारखंडी आदिवासी भाषाओं में से सबसे बड़ी और अधिक संताली बोली जाती है. इसकी विस्तृत साहित्य और संस्कृति है. सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में एक लंबी लड़ाई के प्रतिफल 22 दिसंबर 2003 में आठवीं अनुसूची में शामिल कर राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है. हिदी, बांग्ला, उड़िया आदि भाषाओं की तरह राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है. बाईक रैली में गोपीनाथ मुर्मू, विजय मरांडी, कालीचरण किस्कू, संजय टुडू, राजेश मुर्मू, भुटेल टुडू, करमच़द मुर्मू, उपेंद्र हेंब्रम, विजय मार्डी, बुटान बेसरा, कृष्णा किस्कू, नमिता टुडू, सोनी मुर्मू, जगदीश हांसदा, जागेश्वर मुर्मू, विशेश्वर मुर्मू, हरीशचंद्र मुर्मू, लालचंद टुडू, मोहन सोरेन, हरीनारायण मुर्मू, सूरजमनी सोरेन, पद्मा सोरेन, संजय बास्के, पानमती बास्के आदि महिला-पुरुष शामिल थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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