सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने मंगलवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत डीवीसी का मुख्यालय झारखंड में स्थापित करने की मांग उठायी. कहा कि डीवीसी की अधिकतर परिचालन व उत्पादन गतिविधियां झारखंड राज्य में केंद्रित हैं. डीवीसी का प्रमुख ताप विद्युत संयंत्र (बोकारो थर्मल पावर स्टेशन, चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन, कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन) व अन्य झारखंड में ही हैं. साथ ही मैथन, कोनार, तिलैया व पंचेत जैसे महत्वपूर्ण बांध व जलाशय भी इसी क्षेत्र में हैं. बड़ी मात्रा में कोयला संसाधन, भूमि अधिग्रहण क्षेत्र और हजारों परियोजना प्रभावित परिवार झारखंड में ही हैं. डीवीसी का लगभग 75 प्रतिशत कमांड एरिया झारखंड में है. इसके बावजूद डीवीसी का मुख्यालय झारखंड के बाहर है, जो व्यावहारिक व प्रशासनिक दृष्टि से तर्कसंगत नहीं है. डीवीसी का मुख्यालय झारखंड से बाहर होने के कारण स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार व परियोजना क्षेत्रों के साथ समन्वय में विलंब, निर्णय लेने में कठिनाइयां व जन समस्याओं के समाधान में देरी होती है. यदि मुख्यालय झारखंड में स्थापित किया जाता है तो इससे जहां परियोजनाओं की निगरानी व क्रियान्वयन में तेजी आयेगी. वहीं परियोजना प्रभावित परिवारों व स्थानीय जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा.
Bokaro News : डीवीसी का मुख्यालय झारखंड में स्थापित करने की मांग
Bokaro News : गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने डीवीसी का मुख्यालय झारखंड में लाने की मांग की.
