मारपीट के मामले में दोषी करार, बोकारो के अंकुर रजवार को तीन साल की सजा

Bokaro News: बोकारो की एडीजे-1 अदालत ने वर्ष 2021 के मारपीट मामले में अभियुक्त अंकुर रजवार को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. सेक्टर-12 थाना में दर्ज मामले में शिकायतकर्ता के पति पर हमला कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप साबित होने पर अदालत ने फैसला सुनाया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

बोकारो से रंजीत कुमार की रिपोर्ट

Bokaro News: बोकारो के एडीजे-1 की अदालत ने वर्ष 2021 के एक मारपीट मामले में अभियुक्त अंकुर रजवार को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय के आदेश के बाद दोषी को न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर जेल भेज दिया गया. यह मामला सेक्टर-12 थाना कांड संख्या 53/2021 से जुड़ा हुआ है.

14 जून 2021 की है घटना

मामले के अनुसार 14 जून 2021 को शिकायतकर्ता सारो देवी के पति कारु रजक अपने घर के पास बांस की घेराबंदी कर रहे थे. इसी दौरान अंकुर रजवार अपने दो अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा. आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और बांस से बनाई जा रही बाउंड्री को उखाड़ने लगे. जब कारु रजक ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया.

विरोध करने पर किया गया हमला

शिकायत के अनुसार विरोध से नाराज होकर आरोपियों ने कारु रजक पर हमला कर दिया. हमले के दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और सिर फट गया. घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद पीड़ित पक्ष की ओर से सेक्टर-12 थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

पुलिस जांच के बाद अदालत में चला मामला

मामले की जांच तत्कालीन अनुसंधानकर्ता प्रसुन्न आनंद और जितेंद्र कुमार गुप्ता ने की. जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों को अदालत में प्रस्तुत किया गया. लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मामले की सुनवाई होती रही. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद अभियुक्त के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित माना.

इसे भी पढ़ें: पांच जून को रांची में भाजपा विधायक दल की होगी बैठक, राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर होगी चर्चा

अदालत ने सुनाई तीन वर्ष की सजा

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान एडीजे-1 की अदालत ने अभियुक्त अंकुर रजवार को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक राजीव कुमार ने पैरवी की. अदालत के फैसले के बाद दोषी को नियमानुसार जेल भेज दिया गया. इस निर्णय को पीड़ित पक्ष के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक राहत के रूप में देखा जा रहा है.

इसे भी पढ़ें: जीआरएएल कंपनी के खिलाफ कबरा पंचायत में महाधरना, सड़क निर्माण का ग्रामीणों ने किया विरोध

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >