विनोद सिन्हा, चंद्रपुरा, प्रदूषण की समस्या दूर करने को लेकर चंद्रपुरा में सीटीपीएस प्रबंधन की ओर से फ्ल्यू गैस डिसल्फराइजेशन प्लांट (एफजीडी) का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जायेगा. डीवीसी मुख्यालय से हाल में इसका टेंडर हुआ था. हैदराबाद की कंपनी पीइएस इंजीनियरिंग को टेंडर मिला है. योजना लगभग 450 करोड़ रुपये की है. कंपनी के लोग यहां आ गये हैं. जिस जगह पर प्लांट बनना है, उसका सर्वे किया जा रहा है. मालूम हो कि सरकार के गाइडलाइन के अनुसार शून्य प्रतिशत प्रदूषण पर बिजली उत्पादन करने के लिए एफजीडी प्लांट बनाना जरूरी है. हालांकि पांच साल पहले ही इस प्लांट को लेकर कई प्रक्रियाओं को स्थानीय स्तर पर पूरा किया गया था. पहले इस प्लांट को झरनाडीह कॉलोनी में बनाने का प्रस्ताव था. मगर अब वाटर रिजर्वायर के पास बनाया जायेगा. बोकारो थर्मल में एफजीडी प्लांट बन कर तैयार हो गया है.
सल्फर से तैयार होगा जिप्सम
बता दें कि वर्ष 2015 में माइनिंग ऑफ इन्वायरमेंट फॉरेस्ट विभाग द्वारा एक गाइडलाइन जारी हुआ था, जिसमें कोयले से संचालित थर्मल पावर प्लांटों में नयी तकनीक का एफजीडी प्लांट लगाये जाने को जरूरी बताया गया था. इस प्लांट के लगने पर पावर प्लांट से निकलने वाले सल्फर से जिप्सम तैयार होगा. इसका उपयोग सीमेंट व छाई की ईंटे बनाने में की जा सकती है. परियोजना प्रधान वीएन शर्मा ने कहा कि एफजीडी प्लांट को लेकर बहुत जल्द काम शुरू किया जायेगा. अभी वन विभाग के अधीन कई प्रक्रियाओं को पूरा किया जाना है. जिस जगह पर प्लांट लगेगा, वहां कितने पेड़ों को हटाया जायेगा, यह देखा जा रहा है. वन विभाग इसका सर्वे कर रहा है.
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