चास फोरलेन एनएच 32 के सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की होगी जांच

चास फोरलेन एनएच 32 के पास सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री की जांच के लिए डीसी ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।

चास. चास नगर निगम के महापौर भोलू पासवान द्वारा कुछ दिन पूर्व बोकारो के उपायुक्त को आवेदन सौंप चास फोर लेन एनएच 32 के आस पास सरकारी भूमि, वन भूमि तथा डीपीएलआर की भूमि पर कथित रूप से भूमाफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री की जांच कराने की मांग की थी.

महापौर ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि उनके आवेदन पर संज्ञान लेते हुए बोकारो उपायुक्त ने एक जांच टीम का गठन कर दिया है .यह टीम क्षेत्र में सरकारी, वनभूमि और डीपीएलआर भूमि पर हुए अतिक्रमण तथा अवैध खरीद-बिक्री के मामलों की विस्तृत जांच करेगी.

उन्होंने कहा कि जांच टीम शीघ्र ही अपनी प्रक्रिया शुरू करेगी और यह पता लगाएगी कि कितनी सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा किया गया है तथा किन-किन स्थानों पर अवैध खरीद-बिक्री का सिलसिला चल रहा है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने चास नगर निगम क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध खरीद-बिक्री और भूमाफियाओं द्वारा कथित अतिक्रमण की शिकायत को गंभीरता से लिया है. गठित जांच समिति में वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारी (चास) शामिल है. समिति को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपने का निर्देश दिया गया है.

इस कार्रवाई से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में सख्त कदम उठाए जाने की उम्मीद बढ़ गई है.साथ ही अवैध कब्जा और गलत तरीके से जमीन खरीद बिक्री करने वालों के बीच हड़कम मचा हुआ है .अगर सही से जांच हुआ तो चास बोकारो के कई बड़े चेहरे पर करवाई हो सकती है.


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Author: Sunil kumar tiwari

Published by: Kumarvishwat Sen

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