बोकारो से सीपी सिंह की रिपोर्ट
Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले के चास प्रखंड अंतर्गत बांधगोड़ा क्षेत्र में सामने आए फॉरेस्ट लैंड घोटाले की जांच अब तेज हो गई है. गुरुवार को सीआईडी की टीम ने चास अंचल कार्यालय पहुंचकर मामले की गहन जांच की. यह मामला लगभग 7.5 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण, फर्जीवाड़ा और कब्जे से जुड़ा है.
डीएसपी के नेतृत्व में टीम ने जुटाई जानकारी
सीआईडी डीएसपी नवल किशोर प्रसाद के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अंचल अधिकारी और संबंधित कर्मियों से पूछताछ की. जांच के दौरान कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई. विशेष रूप से पंजी-दो (रजिस्टर-II) की गहन जांच कर जमीन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए.
पंजी-दो में छेड़छाड़ का पुराना मामला आया सामने
जांच में यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2019 में पंजी-दो में छेड़छाड़ कर अवैध तरीके से जमाबंदी की गई थी. फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की खरीद-बिक्री की गई और रजिस्ट्री (डीड) में चौहद्दी तक बदल दी गई थी. इस मामले ने प्रशासनिक तंत्र में गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.
2020 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इस घोटाले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन उपायुक्त के निर्देश पर वर्ष 2020 में पिंड्राजोरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बाद से ही मामले की जांच सीआईडी अपने स्तर से कर रही है. अब जांच को आगे बढ़ाते हुए संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की फिर से समीक्षा की जा रही है.
स्थगित जमाबंदी को गलत तरीके से किया गया ऑनलाइन
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक सहयोग समिति की स्थगित जमाबंदी, जिसमें करीब 1 एकड़ 32 डिसमिल जमीन शामिल थी, उसे गलत तरीके से ऑनलाइन कर दिया गया. इस प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया, जो जांच का मुख्य बिंदु बना हुआ है.
एसीबी की भी समानांतर जांच जारी
इस पूरे मामले में सिर्फ सीआईडी ही नहीं, बल्कि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) भी जांच कर रही है. दोनों एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं से मामले की जांच में जुटी हैं. इससे साफ है कि यह मामला प्रशासनिक स्तर पर काफी गंभीर माना जा रहा है.
प्राइवेट डेवलपर की भूमिका भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार इस घोटाले में एक प्राइवेट डेवलपर की भूमिका भी सामने आई है. उसके खिलाफ भी जांच चल रही है. यह जांच इस बात को लेकर हो रही है कि किस तरह सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी हित में इस्तेमाल किया गया.
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जांच से खुल सकते हैं बड़े राज
चास फॉरेस्ट लैंड घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. प्रशासन और जांच एजेंसियां अब इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने में जुटी हैं, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
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