Bokaro News : सेल प्रबंधन ने एचआरए के नियमों में किये बदलाव
Bokaro News : सेल प्रबंधन ने एचआरए के नियमों में बदलाव किये हैं.
By JANAK SINGH CHOUDHARY | Updated at :
बीएसएल कर्मियों को अगर कंपनी का क्वार्टर नहीं मिलता है, तभी हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) मिलेगा. इसके लिए सही समय पर आवेदन और सभी नियमों का पालन करना जरूरी है. इससे संबंधित सर्कुलर सेल प्रबंधन ने गुरुवार को जारी कर दिया है. यह नया आदेश पुराने सभी निर्देशों की जगह लेगा, हालांकि कुछ पुराने नियम आंशिक रूप से लागू रहेंगे.
छह महीने के भीतर करना होगा आवेदन
ट्रांसफर होने पर कर्मी को नयी जगह ज्वाइन करने के छह महीने के भीतर कंपनी क्वार्टर के लिए आवेदन करना होगा. अगर आवेदन के तीन महीने के अंदर रहने योग्य कंपनी क्वार्टर नहीं मिलता, तो कर्मी एचआरए के लिए आवेदन कर सकता है. उसे तय दर पर एचआरए मिलेगा.
गेस्ट हाउस/ट्रांजिट में रह रहे कर्मियों के लिए भी नियम में बदलाव
छह महीने से ज्यादा समय से गेस्ट हाउस या अस्थायी व्यवस्था में रह रहे कर्मियों को भी नियम लागू होने के दो महीने के भीतर क्वार्टर के लिए आवेदन करना होगा, तभी एचआरए मिलेगा. अगर कर्मी पुराने स्थान का क्वार्टर रखे हुए है, तो उसे रिटेंशन खत्म होने से छह महीने पहले नये स्थान पर क्वार्टर के लिए आवेदन करना होगा.
स्वेच्छा से क्वार्टर छोड़ने पर नया एचआरए नहीं मिलेगा
नये स्थान पर एचआरए तभी मंजूर होगा, जब कर्मी पुराने स्थान का क्वार्टर और नयी जगह का अस्थायी आवास खाली कर देगा. एक ही शहर में एक यूनिट से दूसरी यूनिट में ट्रांसफर होने पर मौजूदा सुविधा (क्वार्टर या एचआरए) जारी रहेगी, लेकिन खर्च नयी यूनिट उठायेगी. स्वेच्छा से क्वार्टर छोड़ने पर नया एचआरए नहीं मिलेगा. अगर पति-पत्नी दोनों नौकरी में हों तो उनके लिए बड़ा बदलाव हुआ है. अब एचआरए पति या पत्नी के एचआरए से लिंक नहीं रहेगा. यानी, पहले इस आधार पर एचआरए नहीं मिलता था, अब मिल सकेगा. लेकिन, शर्त यह है कि कर्मी को यह प्रमाण देना होगा कि वह पति/पत्नी के दिये गये घर में नहीं रह रहा है. अगर कोई कर्मी खुद से कंपनी क्वार्टर छोड़ता है, तो उसके आधार पर नया एचआरए क्लेम स्वीकार नहीं होगा.