बोकारो. बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ-बीएकेएस ने मंगलवार को लंबित मांगों को लेकर आंदोलन के पहले चरण की घोषणा की. बोकारो के मजदूर मैदान में सदस्यों के साथ हुई बैठक में यूनियन ने आंदोलन की रूपरेखा तय की.
इसके तहत 21 और 22 सितंबर को बीएसएल के कर्मचारी सभी शिफ्ट में काला बैज या काली पट्टी लगाकर काम करेंगे. वहीं 23 सितंबर से एक अक्टूबर तक बोकारो स्टील प्लांट के प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालय के समक्ष सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन किया जायेगा.
यूनियन के अनुसार, कर्मचारियों की लंबित 45 मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है. विरोध के दौरान कर्मचारियों के काले बैज पर प्रमुख लंबित मांगों को भी अंकित किया जायेगा.
23 सितंबर से विभागाध्यक्ष कार्यालय के सामने प्रदर्शन
बीएकेएस के तय कार्यक्रम के अनुसार 23 सितंबर से एक अक्टूबर तक बीएसएल के विभिन्न प्रमुख विभागों में सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन किया जायेगा. यूनियन का कहना है कि इस दौरान कर्मचारियों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया जायेगा.
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वहीं सात सितंबर को आयोजित आमसभा में आंदोलन के अगले चरण और आमरण अनशन की तिथि की घोषणा की जायेगी.
बोनस और इंसेंटिव फॉर्मूला में बदलाव समेत कई मांगें
यूनियन के अनुसार कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में बोनस फॉर्मूला में संशोधन, श्रम कानूनों को लागू करना और इंसेंटिव फॉर्मूला में संशोधन शामिल है. बीएकेएस का कहना है कि लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जायेगा.
यूनियन ने सेल चेयरमैन, इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी, इस्पात राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, इस्पात सचिव, श्रम सचिव, डीपीई सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्री और मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर मांगों के समाधान की मांग की है.
प्रबंधन पर लगाया मांगें लंबित रखने का आरोप
बीएकेएस ने सेल कॉरपोरेट कार्यालय और बीएसएल प्रबंधन पर कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से लंबित रखने का आरोप लगाया है. यूनियन का कहना है कि यदि संबंधित स्तर पर मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा.
"मैं स्वयं आमरण अनशन पर बैठूंगा" : हरिओम
बीएकेएस के महासचिव हरिओम ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर अब आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि सेल प्रबंधन और संबंधित मंत्रालयों को कई बार साक्ष्यों के साथ पत्र भेजे गये, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.
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उन्होंने कहा कि वह स्वयं एडीएम के समक्ष निर्धारित धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठेंगे. हरिओम ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है.
