Bokaro News : बीएसएल में 2552 ठेका श्रमिकों की होगी छंटनी

Bokaro News : बीएसएल में 2552 ठेका श्रमिकों की छंटनी होगी.

स्टील अथाॅरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में काम करने वाले ठेका श्रमिकों की संख्या घटाने काे लेकर एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रबंधन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. बोकारो स्टील प्लांट में 31 मार्च 2027 तक 2552 ठेका श्रमिकों की छंटनी होगी. सेल के प्रभारी चेयरमैन केके सिंह ने 18 अप्रैल को बीएसएल के डीआइ प्रिय रंजन को इस संबंध में एक पत्र लिखा. छंटनी का मुख्य उद्देश्य बहु कौशल योजना को बढ़ावा देने के साथ लागत नियंत्रण व बाजार की प्रतिस्पर्धा में कंपनी को और मजबूत बनाना है. नये वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित इस योजना का पूरा रोडमैप तैयार हो गया है. योजना के तहत बोकारो इस्पात संयंत्र सहित पूरे सेल में श्रमिकों की छंटनी एक अप्रैल 2026 से लेकर 31 मार्च 2027 तक करने का लक्ष्य रखा गया है. सेल के प्रभारी चेयरमैन के लिखे पत्र के अनुसार, बीएसएल में एक अप्रैल 2025 तक 12798 ठेका श्रमिक कार्यरत थे. एक अप्रैल 2026 को यह संख्या घटकर 10230 हो गयी. एक अप्रैल 2027 तक इसे 7678 करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

यूनियनों ने प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा

इस बीच, सेल के प्रभारी चेयरमैन का पत्र वायरल होने के बाद एनजेसीएस व गैर एनजेसीएस यूनियनों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. श्रमिकों ने प्रबंधन के फैसले पर रोष जताया है. यूनियन नेताओं का कहना है कि यह फरमान 2027 के वेज रिवीजन से पहले की वित्तीय तैयारी है. बकौल श्रमिक नेता, ठेका मजदूरों को नियमित करने के विभिन्न न्यायालयों का आदेश भी छंटनी का कारण हो सकता है.

सोशल मीडिया में अपना रोष व्यक्त कर रहीं यूनियनें

छंटनी को लेकर कई यूनियनों के नेताओं ने सोशल मीडिया में अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने इस्पात मंत्रालय, सेल और बीएसएल के अधिकारियों को कठघरे में रखकर सवाल किया है कि क्या इनके प्रदर्शन का मूल्यांकन कर बीच में ही उनको नौकरी से निकाला जायेगा. नेताओं का कहना है कि आखिर बली का बकरा सिर्फ आम कर्मचारी, छोटे अधिकारी और ठेका श्रमिकों को ही क्यों बनाया जा रहा है.

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Published by: Janak singh choudhary

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