बोकारो के प्रतिभाशाली पावरलिफ्टर सुभार्थी घोष ने राष्ट्रीय स्पेशल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया है. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में 29 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक आयोजित प्रतियोगिता में सुभार्थी ने स्पेशल नेशनल ओलंपिक वर्ग के 83 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया. उन्होंने अपने तीन प्रयासों में कुल 375 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
सुभार्थी की इस उपलब्धि से बोकारो समेत पूरे झारखंड के खेल जगत में खुशी की लहर है. बताया गया कि राष्ट्रीय स्पेशल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले वह झारखंड के पहले स्पेशल खिलाड़ी हैं. उनकी इस सफलता को कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास, लगन और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम माना जा रहा है.
गुरुकुल जिम में करते हैं नियमित अभ्यास
सुभार्थी घोष बोकारो स्थित गुरुकुल जिम में नियमित रूप से अभ्यास करते हैं. वह ईस्टर्न इंडिया पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव और अनुभवी प्रशिक्षक देवी प्रसाद चटर्जी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं.
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सुभार्थी के प्रदर्शन ने उनके प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों को प्रभावित किया. कठिन अभ्यास और लगातार बेहतर प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया.
माता-पिता के सहयोग से हासिल की उपलब्धि
सुभार्थी की इस सफलता में उनके माता-पिता का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनकी माता शिपर्णा घोष पेंटेकोस्टल स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि उनके पिता सुदीप्तो घोष पूर्व में मेडिकल प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर चुके हैं.
परिवार के निरंतर सहयोग और सुभार्थी के दृढ़ संकल्प ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. सुभार्थी की सफलता ने परिवार के साथ-साथ बोकारो के खेल प्रेमियों को भी गौरवान्वित किया है.
पावरलिफ्टिंग संघ ने दी बधाई
सुभार्थी घोष की उपलब्धि पर झारखंड पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन की ओर से उन्हें बधाई दी गयी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी. बोकारो पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन की सचिव सुचिता चटर्जी और अध्यक्ष सोमनाथ चक्रवर्ती ने भी सुभार्थी की सफलता पर खुशी जतायी.
उन्होंने कहा कि सुभार्थी की यह उपलब्धि झारखंड के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक जीतकर सुभार्थी ने न सिर्फ बोकारो, बल्कि पूरे झारखंड का नाम रोशन किया है.
