आचार्य बाल शेखर झा साल 1995 से लगातार विद्यार्थियों को संस्कृत की शिक्षा नि:शुल्क दे रहे हैं. अब तक दो हजार से अधिक विद्यार्थियों को संस्कृत सिखाया. राष्ट्रीय संस्कृत प्रसार परिषद ने उनको साल 2013 में संस्कृत रत्न सम्मान, साल 2016 में कालीदास सम्मान, साल 2019 में शंकराचार्य सम्मान से सम्मानित किया. इसके अलावे हर साल लगातार उनको दर्जनों संस्थाओं ने प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न उपाधियों से सम्मानित किया. वे अभी डीएवी सेक्टर 2 (इस्पात विद्यालय) में कार्यरत हैं.
संस्कृत विवि दरभंगा से ली आचार्य की उपाधि
इसके साथ ही उन्होंने कामेश्वर सिंह संस्कृत विवि दरभंगा (बिहार) से व्याकरण में आचार्य की उपाधि हासिल की है. प्रभात खबर से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेरे प्रिय शिक्षक डॉ कृष्णानंद झा (संस्कृत विश्व विद्यालय दरभंगा - व्याकरण विभागाध्यक्ष) ने मुझे संस्कृत की शिक्षा दी. संस्कृत के सम्मान के लिए लगातार प्रयासरत हूं. विद्यार्थियों को संस्कृत की नि:शुल्क शिक्षा दे रहा हूं. मेरे विद्यार्थी राष्ट्रीय व अंतर राष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों पुरस्कार हासिल कर रहे हैं. यह मेरे लिए गर्व का विषय है.
