बोकारो. रेल यात्रा को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने की जिम्मेदारी निभा रही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अब केवल रेल संपत्ति की सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गयी है. बदलते समय के साथ आरपीएफ की भूमिका भी व्यापक हुई है. अब यात्रियों की सुरक्षा, महिला व बच्चों की मदद, अपराधियों पर कार्रवाई, नशाखोरी और मानव तस्करी पर रोक लगाने जैसे कई मोर्चों पर आरपीएफ सक्रिय भूमिका निभा रही है.
बोकारो रेलवे स्टेशन पर भी आरपीएफ चौबीसों घंटे यात्रियों की सुरक्षा में तैनात है. स्टेशन पर प्रतिदिन दो अधिकारी व 10 जवान तीन पालियों में ड्यूटी करते हैं. स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर लगे 48 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाती है. इसके अलावा हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर, अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम तथा बॉडी वॉर्न कैमरा जैसे आधुनिक उपकरणों की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है.जागरूकता पर भी विशेष जोर.
आरपीएफ केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं करती, बल्कि यात्रियों को जागरूक भी बनाती है. स्टेशन और ट्रेनों में चोरी, पॉकेटमारी, नशाखोरी से बचाव, रेल पटरियों को पार नहीं करने, बिना वजह अलार्म चेन नहीं खींचने और किसी भी परेशानी की स्थिति में रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करने के लिए लगातार अभियान चलाए जाते हैं.
महिला यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता.अकेले सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए ''मेरी सहेली'' अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत महिला सुरक्षा कर्मी यात्रा के दौरान विभिन्न स्टेशनों पर अकेली महिला यात्रियों से संपर्क कर उनका हालचाल पूछती हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराती हैं. इससे महिला यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है.बच्चों और जरूरतमंदों के लिए भी संवेदनशील.
''नन्हे फरिश्ते'' और ''ऑपरेशन डिग्निटी'' अभियान के माध्यम से भटके हुए, लावारिस अथवा मानव तस्करी के शिकार बच्चों और जरूरतमंद यात्रियों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजनों तक पहुंचाया जाता है. वर्ष 2025-26 में करीब 90 नाबालिग बच्चों और 12 से 15 वयस्कों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया.
अपराधियों पर लगातार कार्रवाई.आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान से कई बड़ी सफलताएं मिली हैं. पिछले वर्ष सात लाख रुपये के गहनों की चोरी का खुलासा कर चोरी गए सभी गहने बरामद किए गए तथा दो महिला आरोपितों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा अवैध वेंडिंग के खिलाफ अभियान चलाकर 215 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया.तस्करी पर भी कड़ा प्रहार.
पिछले एक वर्ष में तीन मानव तस्करी के मामलों का खुलासा कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया तथा आठ बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया गया. वहीं करीब 100 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये है, जब्त किया गया. इसके अलावा सवा लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब भी बरामद की गई.
तकनीक और समन्वय से मजबूत सुरक्षा.आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा रहा है. आने वाले समय में भी यात्रियों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करना आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी.
