बोकारो पुलिस की गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही जांच का असर अब अदालत के फैसलों में भी दिखाई देने लगा है. जुलाई 2026 में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से जुड़े 11 मामलों में अदालत ने 30 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए अलग-अलग अवधि की सजा सुनायी है. यह जानकारी शनिवार को एसपी नाथू सिंह मीणा ने कैंप दो स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों को दी.
तीन अभियुक्तों को मिली आजीवन कारावास की सजा
एसपी ने बताया कि जुलाई माह में तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. इनमें चास थाना कांड संख्या 20/24 के पोक्सो मामले का एक अभियुक्त तथा पेटरवार थाना कांड संख्या 79/22 और बालीडीह थाना कांड संख्या 177/13 के हत्या के मामलों में एक-एक अभियुक्त शामिल हैं.
वहीं, जरीडीह थाना कांड संख्या 07/24 में दहेज हत्या के मामले में एक अभियुक्त को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनायी गयी. अन्य मामलों में दोषी पाये गये अभियुक्तों को भी अलग-अलग अवधि की सजा के साथ आर्थिक दंड दिया गया.
15 अभियुक्तों को एक वर्ष की सजा
पुलिस के अनुसार जुलाई में अदालतों में कुल 30 अभियुक्तों के खिलाफ दोष सिद्ध हुआ. इनमें तीन को आजीवन कारावास, एक को 10 वर्ष, एक को दो वर्ष और 15 अभियुक्तों को एक-एक वर्ष की सजा सुनायी गयी. आठ अभियुक्तों पर आर्थिक दंड लगाया गया. वहीं, एक अभियुक्त को प्रोबेशन बॉन्ड पर छोड़ा गया, जबकि एक को चेतावनी देकर छोड़ने का आदेश दिया गया.
अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
एसपी नाथू सिंह मीणा ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराधियों को सख्त सजा दिलाने के उद्देश्य से पुलिस अनुसंधान की गुणवत्ता लगातार बेहतर की जा रही है. जिले के सभी थानों को अनुसंधान किट उपलब्ध कराया गया है, ताकि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने में सुविधा हो.
उन्होंने बताया कि मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन पक्ष को भी समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. पुलिस का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान, मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाना तथा पीड़ितों को न्याय उपलब्ध कराना है.
