बोकारो. साइबर ठगी की रकम को एक बैंक खाते से दूसरे खाते में भेजकर सामान्य लेनदेन जैसा दिखाने के लिए इस्तेमाल किये जा रहे संदिग्ध यानी ‘म्यूल बैंक खातों’ पर बोकारो पुलिस की नजर है. पुलिस का मानना है कि साइबर अपराधी ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर उसकी वास्तविक पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं. ऐसे खातों की पहचान कर उनके दुरुपयोग पर रोक लगाना साइबर ठगी की पूरी शृंखला को तोड़ने में अहम हो सकता है. इसी उद्देश्य से पुलिस की ओर से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े सीएसपी संचालकों को भी जागरूक किया जायेगा.
सीएसपी संचालकों को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने की अपील
पुलिस अधिकारियों की ओर से सीएसपी संचालकों को वित्तीय साइबर अपराध की रोकथाम, संदिग्ध खातों की पहचान और असामान्य बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखने के संबंध में जानकारी दी जा रही है. एसपी नाथू सिंह मीणा, चास एएसपी वेदांत शंकर, मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार और सिटी डीएसपी राजीव रंजन के स्तर से भी इस दिशा में जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है.
पुलिस के अनुसार सीएसपी संचालक और संबंधित बैंककर्मी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराते समय ग्राहक की गतिविधियों और लेनदेन के तरीके पर आवश्यक सतर्कता बरतें. किसी खाते में असामान्य या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गयी है.
कमीशन के लालच में खाते उपलब्ध कराने का खतरा
एसपी नाथू सिंह मीणा के अनुसार साइबर अपराधी कई बार लोगों को पैसे या कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं. ठगी की रकम पहले ऐसे खातों में मंगायी जाती है और इसके बाद उसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है. कई खातों के माध्यम से रकम घुमाने का उद्देश्य लेनदेन को सामान्य दिखाना और जांच को मुश्किल बनाना हो सकता है.
पुलिस ने आम लोगों से भी अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं कराने की अपील की है. कमीशन या किराये के बदले बैंक खाता देना खाताधारक के लिए कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है.
संदिग्ध लेनदेन दिखे तो बैंक को दें सूचना
पुलिस के अनुसार खाते में अचानक बड़ी रकम का आना-जाना, बिना स्पष्ट कारण अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर होना, किसी अन्य व्यक्ति द्वारा खाते के संचालन पर नियंत्रण रखना या संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल खतरे के संकेत हो सकते हैं. ऐसे मामलों में खाताधारक को तत्काल अपने बैंक को जानकारी देनी चाहिए.
मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने कहा कि बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराने के दौरान सीएसपी संचालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी. किसी ग्राहक या उसके लेनदेन में कुछ संदिग्ध नजर आने पर समय रहते सूचना देना जरूरी है. पुलिस के अनुसार नियमों की अनदेखी करने वाले सीएसपी संचालक भी जांच के दायरे में आ सकते हैं.
लापरवाही या मिलीभगत पर कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सीएसपी संचालक नियमों की अनदेखी कर संदिग्ध व्यक्ति को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराता है या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद संबंधित बैंक अथवा पुलिस को सूचना नहीं देता है, तो मामले की जांच की जा सकती है और दोष सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
क्या होता है म्यूल बैंक अकाउंट
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी या अन्य अवैध गतिविधि से प्राप्त रकम को रखने और फिर दूसरे खातों में भेजने के लिए करते हैं. कई मामलों में खाताधारक को रकम ट्रांसफर करने के बदले कमीशन का लालच दिया जाता है. पुलिस के अनुसार किसी व्यक्ति का खाता साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल पाया जाता है, तो खाताधारक भी जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है.
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