पिंड्राजोरा, शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा के लिए सारी सुविधाएं मुहैया करने की बात कहना बस बातों में ही सिमट कर रह गयी है. झारखंड के कई स्कूलों में शिक्षक व संसाधनों का अभाव है. किसी विद्यालय में शिक्षक है, तो भवन की कमी है तो कहीं भवन है, तो शिक्षकों की कमी है. कहीं स्कूल का भवन है, तो संसाधन नहीं है . विभागीय माजरा यह है कि चास प्रखंड अंतर्गत उलगोड़ा पंचायत अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय काठुवारी पंचायत भवन के तीन कमरे में स्कूली बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं. सात साल से पंचायत भवन में प्राथमिक विद्यालय काठुवारी चल रहा है. पंचायत भवन सीढ़ी के समक्ष रसोइया मध्याह्न भोजन बनाने के लिए मजबूर हैं. जहां जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जब जमघट लगता है तो, पठन-पाठन में काफी परेशानी होती है.
कक्षा एक से आठ तक कुल 67 बच्चे नामांकित
कक्षा एक से लेकर आठ तक कुल 67 बच्चे विद्यालय में नामांकित है और दो शिक्षक पदास्थापित हैं. 2018 से ही पंचायत भवन में प्राथमिक विद्यालय काठुवारी चास एक चल रहा है. विभाग की ओर से जर्जर भवन कठुवारी को तोड़ने का आदेश 2021 को दिया गया था. भवन तोड़ने के चार साल बीत जाने के बाद भी विद्यालय भवन आज तक बन नहीं पाया है. ग्रामीणों के अनुसार गांव से दो किलोमीटर की दूरी तय कर गांव के बच्चे पठन-पाठन के लिए रोज पंचायत सचिवालय जाते हैं.
मध्याह्न भोजन बनाने में होती है दिक्कत
पंचायत सचिवालय के रसोइया को भी मध्याह्न भोजन बनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. मुखिया सहित जनप्रतिनिधियों को भी पंचायत भवन में कार्यक्रम के दौरान परेशानी होती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
