Bokaro News: तीन लाख की आबादी की सेहत चार चिकित्सकों के हवाले

Bokaro News: चंदनकियारी में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल : सीएचसी में चिकित्सकों के सात पद स्वीकृत, तीन खाली, बरमसिया और कोड़िया पीएचसी चिकित्सक विहीन व मरीजों को इलाज के लिए जाना पड़ता है बाहर.

चंदनकियारी, चंदनकियारी में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है. प्रखंड स्तर पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जिसमें चार चिकित्सक पदस्थापित हैं. वहीं दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व कई आरोग्य केंद्र भी है. इन स्वास्थ्य केंद्रों में ना चिकित्सक है और ना ही अन्य सुविधाएं. लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण तीन लाख की आबादी प्रभावित हो रही है. चिकित्सकों ओर स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मरीजों को प्राइवेट डॉक्टर का सहारा लेना पड़ता है. मजबूरन लोगों को चंदनकियारी से 30 किलोमीटर दूर सदर अस्पताल बोकारो या पश्चिम बंगाल जाना पड़ता है. चंदनकियारी के मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है.

सीएचसी चंदनकियारी : प्रारंभिक जांच के बाद कर दिया जाता है रेफर

प्रखंड मुख्यालय स्थित सीएचसी चंदनकियारी में चार एमबीबीएस और तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों का पद स्वीकृत है. वर्तमान में चार ही चिकित्सक है, जिसमें एक प्रतिनियुक्ति पर हैं, तीन पद खाली है. लोगों ने कई बार जिले के वरीय पदाधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया है, पर कोई पहल नही की गयी. चिकित्सकों के अभाव में यहां मरीजों को प्रारंभिक जांच के बाद चास या बोकारो रेफर कर दिया जाता है. स्टाफ की कमी और सुविधाओं की अभाव के कारण लोग परेशान रहते हैं.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरमसिया : हेल्थ वर्कर देते हैं दवा

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरमसिया चिकित्सक विहीन है. दो चिकित्सक का पद स्वीकृत है. यहां मरीजों को हेल्थ वर्कर दवा देते हैं. जो कि जोखिम भरा हो सकता है. यहां प्रतिदिन 50 से 100 मरीज आते हैं. प्रारंभिक दवाई लेकर लौट जाते हैं. चिकित्सक नहीं रहने के कारण केंद्र में दवा की भी किल्लत है.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोड़िया का भी हाल खराब

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोड़िया भी चिकित्सक नहीं है. यहां भी चिकित्सकों का 2 पद स्वीकृत है. कोड़िया केंद्र को पीपीपी मोड पर चलाया जा रहा था. मगर कुछ सालों बाद योजना फेल हो गयी और पुनः सीएचसी के अधीन संचालन सुरू हो गया. केंद्र में एक या दो हेल्थ स्टॉफ रहते हैं, साफ-सफाई करते हैं. प्रारंभिक दवा देकर सीएचसी भेज देते हैं. इसके अलावे चंदनकियारी के अन्य क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य केंद्र का भवन बना हुआ है. जहां सीएचओ द्वारा ईलाज किया जाता है. इन आरोग्य केंद्रों का हाल भी खराब है.

मरीजों ने कहा

वहीं इलाज कराने आये मरीज बरमसिया निवासी राजेंद्र बनर्जी ने कहा कि पीएचसी में ना चिकित्सक है ना दवा. हिमानी देवी का कहना है कि सीएचसी चंदनकियारी जाने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में अन्यत्र जाना पड़ता है. स्थानीय निवासी भुवन माजी ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण चंदनकियारी की जनता को परेशानी हो रही है.

रोस्टर बनाया जा रहा है, पुन: चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति होगी : सिविल सर्जन

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि चंदनकियारी में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए प्रतिनियुक्ति की गयी थी. इसमें एक चिकित्सक की ड्यूटी पोस्टमार्टम में होने के कारण प्रतिनियुक्ति रद्द की गयी. दूसरे चिकित्सक का स्थानांतरण रांची हो गया है. वर्तमान में रोस्टर बनाया जा रहा है. उसके हिसाब से पुन: चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति होगी.

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