Bokaro News : थाना में दर्ज है मामला, फिर भी बोर्ड लगाकर बेची जा रही वन विभाग की जमीन

Bokaro News : अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड ने बोकारो उपायुक्त व एसपी को लिखा पत्र, तेतुलिया मौजा के 107 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री रोकने व यथावत स्थिति बनाये रखने का निर्देश

बोकारो, बोकारो जिला के तेतुलिया मौजा खाता संख्या 59, प्लॉट संख्या 426 व प्लॉट संख्या 450 के रकबा 40.60 एकड़ व 68.60 एकड़ यानी लगभग 107 एकड़ जमीन को लेकर अपराध अनुसंधान विभाग झारखंड के पुलिस महानिरीक्षक ने बोकारो उपायुक्त विजया जाधव व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी को पत्र लिखा है. 25 फरवरी 2025 को लिखे पत्र में उपायुक्त से कहा गया है कि सेक्टर 12 थाना कांड 32/24 से संबंधित वन विभाग की जमीन में अभी तक अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगाने का अनुसंधानकर्ता की ओर से अनुरोध पत्र समर्पित किया गया है. लेकिन, अवैध प्रश्नगत जमीन पर अवैध निर्माण कार्य जारी है. पत्र में जिक्र किया गया है कि बोकारो वन प्रमंडल के वनरक्षी रुद्र प्रताप सिंह ने न्यायालय में परिवाद पत्र संख्या 106/24 में नौ लोगों के विरूद्ध उक्त जमीन का फर्जी कागजात बनाकर अवैध ढंग से बिक्री करने व निर्माण करने का आरोप लगाया है. 29 जनवरी 2025 को अनुसंधान के क्रम में पाया गया कि उक्त वन भूमि पर तीन लोगों द्वारा दो मंजिला भवन बनकर पूरी तरह तैयार है. इसके अलावा कई जगह पर निर्माण कार्य चल रहा है. इतना ही नहीं उक्त जमीन की बिक्री के लिए बोर्ड तक लगाया गया है. पंप प्लेट लगाकर उक्त जमीन में प्रोजेक्ट बनाकर ग्राहकों को बिक्री की जा रही है. पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि उक्त जमीन को इजहार दो व्यक्तियों द्वारा अपने दादा के नाम पर भूमि डेप्युटी कलेक्टर पुरुलिया के कार्यालय से सर्टिफिकेट संख्या 191-1933 जो प्राप्त किया गया है. इस संबंध में वन प्रमंडल बोकारो की ओर से पत्राचार किये जाने पर स्पष्ट रूप से बताया गया कि उक्त सर्टिफिकेट का पंजीकरण संख्या की प्रति व क्रम संख्या कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं है. यानी डीड वैधानिक रूप से संदिग्ध है. पत्र में बोकारो उपायुक्त को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है.

नहीं तो थाना प्रभारी होंगे निलंबित

अपराध अनुसंधान विभाग-झारखंड के पुलिस महानिरीक्षक ने चार मार्च 2025 को बोकारो पुलिस अधीक्षक को भी इस मामले में पत्र लिखा है. पत्र में उक्त जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण यथास्थिति बनाये रचने के लिए बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने की बात कही गयी है. पत्र में पूरे मामले को विस्तार से बताने के बाद एसपी से कहा गया है कि थाना प्रभारी को निर्देशित किया जाये कि यदि विषयांकित स्थल पर निर्माण कार्य जारी रहता है, तो उन्हें महानिदेशक व पुलिस महानिरीक्षक झारखंड के स्तर से निलंबित कर दिया जायेगा. साथ ही अन्य वरीय पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा जायेगा.

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