रंजीत कुमार, बोकारो, जिले के 144 सरकारी अस्पतालों (सदर अस्पताल से लेकर सब सेंटर में कार्यरत) में आउटसाेर्सिंग के तहत काम करने वाले 350 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों में किसी को तीन माह से, तो किसी को छह माह से मानदेय नहीं मिला है. मानदेय भुगतान को लेकर आउटसोर्सिग कर्मियों ने तीन मार्च से अनिश्चितकालीन धरना पर जाने का मन बनाया है. आपसी जनसंपर्क भी शुरू कर दिया गया है. इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक को पत्र भेजकर जानकारी दी गयी है. इसके बाद भी मानदेय भुगतान के मामले में किसी ने अब तक पहल नहीं की है.
जानकारी के अनुसार जिले में कार्यरत 350 से अधिक आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन मद में प्रतिमाह लगभग दो से ढाई करोड़ रुपये खर्च हो रहा है. आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मानदेय तीन माह का बकाया हो चुका है. ऐसे में सरकार को लगभग आठ करोड़ भुगतान करना होगा. तभी तीन माह का एकमुश्त बकाया मानदेय भुगतान हो पायेगा. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानदेय मद में आवंटन मांगने पर सरकार की ओर से डेढ़ से दो करोड़ भेजा जा रहा है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए भी एकमुश्त भुगतान करने में परेशानी हो रही है.कर्मियों का दर्द : दुकानदार नहीं दे रहा उधार व स्कूल मांग रहा बकाया फीस
कर्मियों ने कहा कि उधार की वजह से दुकानदार राशन नहीं दे रहा है. स्कूल प्रबंधन लगातार बकाया फीस मांग रहा है. अब दोस्तों व पड़ोसियों से उधार मांगने से पहले सोचना पड़ रहा है. मानदेय कब मिलेगा कोई बता नहीं रहा है. रोजाना ड्यूटी इस आशा में आते हैं कि मानदेय भुगतान जल्द हो जायेगा.हर बार मिलता है आश्वासन
सदर अस्पताल में कार्यरत जीएनएम रोजलीन, ऐतवारी, सरस्वती, ओटी तकनीशियन शमीम, सत्यम, अब्दुल, डाटा ऑपरेटर दिनेश कुमार, चतुर्थवर्गीय रोहित कुमार, राज कुमार, सुखसेम, सफाईकर्मी सागर राम, छोटू, रेखा, सुरक्षाकर्मी अमित, अजय सहित छह दर्जन से अधिक आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी ने प्रभात खबर से कहा कि हर बार बकाया मानदेय मांगने पर केवल आश्वासन दिया जाता है. कैसे काम करेंगे. कार्यस्थल पर आने से पहले बच्चों की परेशानी, भोजन की व्यवस्था की समस्या खड़ी हो जाती है. सरकार हमारी बातों को नहीं सुन रही है. केवल आश्वासन दिया जा रहा है. अब हम आश्वासन नहीं सुनेंगे. अपने कमाये हुए पैसे मांग रहे है. अविलंब बकाया भुगतान किया जाये.समस्या का शीघ्र होगा समाधान : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि मुख्यालय को सूचना भेजी गयी है. सरकार से मानदेय भुगतान के मामले में आवंटन मांगा गया है. साथ ही साथ आउटसोर्सिंग कंपनी से भी बात की गयी है. समस्या का समाधान अविलंब किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
