कसमार, कसमार प्रखंड के सिंहपुर स्थित सुप्रसिद्ध प्राचीन शिवालय में चार दिवसीय भगता परब (चड़क पूजा अथवा गांजान) शनिवार को संजोत और लोटन सेवा के साथ शुरू हो गया. शाम को लगभग डेढ़ हजार से अधिक भगतिया लोटन सेवा में शामिल हुए. इसके तहत सबसे पहले स्थानीय शिव गंगा (सायर बांध) में सभी भगतिया ने स्नान करने के बाद जनेऊ धारण किया व तालाब के किनारे पिंड (भूतपीढ़ा) बनाकर गुलांची फूल, अरवा चावल, चना दाल, मिश्री आदि चढ़ाकर उसकी पूजा की. लोटन करते (जमीन पर लोटते) हुए सभी भगतिया तालाब से शिवालय तक पहुंचे. इस दौरान ‘बाबा भोलेनाथ’ और ‘बूढ़ा बाबा’ के जयकारे से पूरा सिंहपुर गूंज उठा. कई नन्हे-मुन्ने बच्चे भी लोटन सेवा में शामिल हुए, जबकि अनेक ग्रामीणों ने लोटन करते भगतिया के बीच अपने छोटे-छोटे बच्चों को सुलाकर आशीर्वाद लिया.
प्रतिमा का कराया गया भ्रमण
मान्यता है कि ऐसा करने ने बच्चे को स्वस्थ और दीर्घायु जीवन मिलता है. लोटन के बाद देर शाम को ””सांडदगाई”” की रश्म भी पूरी हुई. लोटन सेवा एवं प्रसाद वितरण के बाद सांड़दगाई की परंपरा निभाई गयी. इससे पूर्व दिन में पाट भ्रमण भी हुआ. इसके तहत काष्ठ की एक विशेष प्रतिमा का भ्रमण सिंहपुर, खैराचातर, उदयमारा, बसरिया, डुमरकुदर, भवानीपुर समेत आसपास के गांवों में किया गया.
झारखंड की संस्कृति का अभिन्न अंग है भगता पर्व : मंत्री
राज्य के पेयजल व स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी पहुंचे तथा शिवालय में मत्था टेककर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की. कहा कि भगता पर्व झारखंड की संस्कृति का अभिन्न अंग है.
ये थे मौजूद
मौके पर पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो की पत्नी कौशल्या देवी, समाजसेवी सुजीत कुमार, पूजा कमेटी के अध्यक्ष सह पूर्व मुखिया मृत्युंजय कपरदार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष भारत किशोर साव, सचिव अधीर चंद्र शर्मा, उप सचिव लखन साव, कोषाध्यक्ष शंकर महतो, उप कोषाध्यक्ष राकेश कुमार साहू, संगठन मंत्री लालमोहन महतो व भरत तिवारी तथा मेला एवं मीडिया प्रभारी मनोज कुमार सिंह आदि मौजूद थे.
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