रंजीत कुमार, बोकारो, सदर अस्पताल परिसर में साढ़े तीन करोड़ की लागत से बन रहा छह तल (जी प्लस फाइव) का सीसीबी सह एचडीयू (क्रिटिकल केयर ब्लॉक सह हाई डिफिशिएंसी यूनिट) गंभीर मरीजों के लिए वरदान साबित होगा. बता दें कि अस्पताल में रोजाना 700 से अधिक मरीज ओपीडी व इनडोर में आते हैं. 12 (नेत्र, दंत, सामान्य, डायटिशियन, न्यूरो, स्कीन, साइकेट्रिक, शिशु, इएनटी, अर्थोपेडिक, सर्जरी, कैंसर स्क्रीनिंग) तरह की ओपीडी सेवा मरीजों को मिल रही है. सीबीसी सह एचडीयू भवन एक माह के अंदर शुरू हो जायेगा. जो बोकारो जिले के 23 लाख की आबादी के लिए वरदान साबित होगा.
भवन में अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरण से सुसज्जित 50 बेड होगा. सीसीबी सह एचडीयू में गंभीर मरीजों को ही दाखिल किया जायेगा. क्रिटिकल केयर ब्लॉक में गंभीर बीमारियों से ग्रसित रोगियों के दिल की धड़कनों, रक्तचाप व अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक संकेतों पर कड़ी नजर रखी जाती है. हार्ट अटैक वालों के लिए ब्लॉक वरदान है. ब्लॉक में मरीज की हालत की लगातार निगरानी के लिए आवश्यक उपकरण, जरूरी दवा, मरीज की स्थिति अनुसार चिकित्सीय निर्णय शामिल है. ब्लॉक में आईसीयू, एचडीयू, आइसोलेशन वार्ड, आइसोलेशन रूम, डायलिसीस, एमसीएच, इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, एलडीआर, प्वाइंट ऑफ केयर लैब स्थापित होगा, ताकि गंभीर मरीजों को चिकित्सा की हर व्यवस्था तुरंत दी जा सके. ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के राउंड द क्लॉक, आईसीयू, इमरजेंसी, डिलिवरी यूनिट और अन्य इकाइयों की देखरेख के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को 24 घंटे तैनात रखा जाएगा. हर 10 बेड पर एक जीएनएम व हर 20 बेड पर एक विशेष चिकित्सक होंगे. आइसीयू में दो, स्टे डाउन यूनिट में दो, हर वार्ड के लिए छह, ओटी के लिए प्रति शिफ्ट दो व एक नर्स को राउंड द क्लॉक पदस्थापित किया जाएगा. विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक स्पेशल टीम अलर्ट मोड में रहेगी.चार पीडियाट्रिक बेड भी रहेगा शामिल
ब्लॉक में 20 बेड की आइसीयू इंटेंसिव केयर यूनिट (गहन चिकित्सा इकाई) होगी. इसमें चार पीडियाट्रिक बेड भी शामिल रहेगा. हर बेड के पास एक टेबुल होगा, जिसपर आवश्यक सामग्रियां रखी जा सकेंगी. हर बेड के साथ तीन बायोमेडिकल वेस्ट बिन रखी जायेगी. 20 वेंटिलेटर, 20 सिरिंज पंप, पांच इन्फ्यूजन पंप, दो लैरिंगोस्कोप, पांच इंफ्रारेड थर्मामीटर, पांच एम्बु बैग, दो एंड्रायड बीपी एपेरेटस, दो ऑप्थैलमोस्कोप के अलावा एक-एक 12 चैनल वाली इसीजी मशीन, पोर्टेब्ल वेंटिलेटर, पोर्टेब्ल एक्सरेफ पोर्टेब्ल अल्ट्रासाउंड जैसे अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरण मौजूद रहेंगे.सीटी स्कैन की सुविधा बहाल करने की तैयारी
फिलहाल सदर अस्पताल में सोनोग्राफी, एक्स-रे, इसीजी व पैथोलॉजी (कई तरह के ब्लड व मूत्र जांच) सेंटर चलाया जा रहा है. एचएससीएल की ओर से उच्च तकनीक वाली ब्लड एनालाइजर मशीन उपलब्ध कराया गया है. इससे कई तरह की जांच होगी. इसके अलावा पीपीपी मोड से पैथोलॉजी सेंटर व अल्ट्रा साउंड सेंटर भी चल रहा है. भवन तैयार होने के बाद अस्पताल में जल्द ही सीटी स्कैन व एमआरआई शुरू करने की योजना है.तीन अस्पतालों में मॉड्यूलर ओटी व आइसीयू शुरू
बेरमो रेफरल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पेटरवार व रेफरल अस्पताल जैनामोड़ में मॉडयूलर ऑपरेशन थियेटर बनकर तैयार है. मरीजों को बड़े ऑपरेशन के लिए सदर अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी. साथ तीनों अस्पतालों में 10-10 बेड का आईसीयू (इंसेंटिव केयर यूनिट) तैयार किया जा रहा है. जो मरीजों के लिए लाभकारी साबित होगा. इसके बाद आईसीयू के लिए सदर अस्पताल पर गंभीर मरीजों को निर्भर नहीं रहना होगा. गंभीर मरीजों के आने-जाने के बीच का खतरा कम होगा.
