Bokaro News : अहंकार का त्याग व भक्ति ही भगवान तक पहुंचने का मार्ग : सचिन
Bokaro News : सेक्टर नौ स्थित वैशाली मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा सुनने उमड़े श्रद्धालु.
बोकारो, अहंकार का त्याग व भक्ति ही भगवान तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करता है. अहंकार त्याग इंसान को अंदर से भक्ति की ओर लेकर जाता है, वहीं भक्ति इंसान को भगवान के करीब लाता है. यह बातें कथावाचक सचिन कौशिक महाराज ने कही. शनिवार को सेक्टर नौ स्थित वैशाली मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन वह कथावाचन कर रहे थे. श्री कौशिक ने कहा कि सुखदेव महर्षि वेदव्यास के पुत्र थे, जो जन्म लेते ही ज्ञानवान होकर तपस्या के लिए वन गये. श्री कौशिक ने कहा कि सुखदेव श्रीकृष्ण के आश्वासन पर लौटकर राजा परीक्षित को सात दिनों में मोक्ष का मार्ग बताने वाली श्रीमद्भागवत कथा सुनायी. दक्ष प्रजापति की कथा ब्रह्मा के मानसपुत्र दक्ष, उनकी पुत्री सती व भगवान शिव से जुड़े अहंकार व तपस्या के प्रसंग पर आधारित है. इसमें दक्ष के शिव से बैर, सती का यज्ञ-अग्नि में कूदकर आत्मदाह, दक्ष का सिर बकरे के सिर में बदलना व बाद में शिव को प्रसन्न कर पुनर्जन्म प्राप्त करना बताया गया है. कहा कि कंस की बहन देवकी व उनके पति वसुदेव के कारागार में भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में जन्म लिया, ताकि वह कंस के अत्याचारों का अंत कर सकें. इसके बाद वसुदेव उन्हें यमुना पार गोकुल में नंद बाबा व यशोदा के पास ले गए. वहां से एक कन्या (मां दुर्गा) को लेकर वापस मथुरा लौटे, जिससे धर्म की स्थापना हुई. कहा : भादो मास की अष्टमी की मध्यरात्रि कारागार में अलौकिक प्रकाश फैला. भगवान कृष्ण चतुर्भुज रूप (शंख, चक्र, गदा, पद्म धारण किए हुए) में प्रकट हुए. इधर, कथा सुनने के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है.
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