बोकारो, सेक्टर पांच डी बगीचा टोला में सन 2023 में सड़क किनारे स्थापित नव प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्रीवाल नहीं है. इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा खतरे में है. लाखों रुपये खर्च कर सरकारी स्कूलों के लिए भवन तैयार किये जाते हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं कराया जाता है. बाउंड्रीवाल के लिए प्रस्ताव तो बनते हैं, लेकिन इस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है.
बता दें कि छह मार्च को जिले के सभी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए खेल महोत्सव का आयोजन किया जाना है. बाउंड्रीवाल ना होने के कारण विद्यार्थियों को खेलने के लिए जो मैदान हैं, वह भी सुरक्षित नहीं है, जिससे वह खेल नहीं पाते हैं. सड़क किनारे बने स्कूलों में बाउंड्रीवॉल ना होने के कारण हादसों का भी डर बना रहता है. हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय को विकसित व संसाधन युक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत है. शिक्षा विभाग जिले के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने को लेकर क्षतिग्रस्त भवन, वर्ग कक्ष की मरम्मत, चहारदीवारी निर्माण करवा रहा है.प्रभारी प्राचार्य का ऑफिस भी नहीं
विद्यालय में मात्र एक शिक्षक हैं. दो क्लास रूम है. यहां 26 बच्चों का नामांकन है, जिसमें अधिक संख्या लड़कियों की है. विद्यालय में प्रतिनियुक्त एक शिक्षक होने के कारण सभी बच्चों को एक रूम में ही बैठाकर पढ़ाना पड़ता है. वहीं, प्रभारी प्राचार्य के लिए अलग से ऑफिस भी नहीं है. प्राचार्य को क्लास रूम में बैठकर बच्चों को पढ़ने के साथ-साथ विभाग की विभिन्न रिपोर्ट भी तैयार करनी पड़ती है. वहीं, अकेले होने के कारण प्राचार्य को छुट्टी लेने में परेशानी होती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
