Bokaro News : कोई भी अधिकारी-कर्मी बिना अवकाश स्वीकृति के मुख्यालय से बाहर ना जायें : उपायुक्त

Bokaro News : समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सभी वरीय पदाधिकारियों, लिपिकों और कर्मियों की हुई बैठक, खनन प्रभावित इलाकों की सूची तैयार करने का निर्देश.

बोकारो, समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त अजयनाथ झा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सभी वरीय पदाधिकारियों, लिपिकों और कर्मियों की बैठक हुई. प्रशासनिक अनुशासन, वित्तीय पारदर्शिता व योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई दिशा-निर्देश दिये गये. उपायुक्त ने कहा कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना अवकाश स्वीकृति के मुख्यालय से बाहर नहीं जायेंगे. सभी को लिखित पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा, कहीं अगर ऐसा नहीं पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी-कर्मी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबित किया जायेगा. साथ ही, विभाग को विभागीय कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जायेगी. उपायुक्त ने डीडीसी को निर्देश दिया कि खनन प्रभावित इलाकों की सूची दो दिनों में तैयार करें. डीएमएफटी मद में प्राप्त राशि का उसी आधार पर विभाजन किया जाये.

एक लाख रुपये से अधिक की राशि के साथ कहीं आने-जाने से पूर्व अपर समाहर्ता से प्रमाण पत्र करेंगे प्राप्त

डीसी ने निर्देश दिया कि यदि कोई अधिकारी या कर्मी किसी निजी कार्य, शादी-विवाह आदि के लिए भी एक लाख रुपये से अधिक की राशि के साथ कहीं आता-जाता है, तो उसे अपर समाहर्ता कार्यालय से प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा. इसके लिए अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. यात्रा से पहले इसकी पूरी जानकारी संबंधित अधिकारी-कर्मी आवेदन के माध्यम से अपर समाहर्ता कार्यालय को देंगे, 24 घंटे में उन्हें प्रमाण पत्र निर्गत किया जायेगा.

कार्यस्थल पर आचरण और ड्रेस कोड का करें पालन

उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मी कार्यालय में सुसज्जित (वेल ड्रेस्ड) होकर उपस्थित हों. उच्च नैतिक मूल्यों (हाई मोरल) के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें. किसी भी बाहरी व्यक्ति से एक कप चाय भी नहीं पियें. डीसी ने कहा कि कार्यालय–संगठन सभी का अभिभावक है. इसे बेहतर बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी है. सभी कर्मी एकजुट होकर और समन्वय के साथ काम करें, ताकि कार्य संस्कृति और भी मजबूत हो.

ग्राम सभा की अनुमति के बाद ही योजना होगी क्रियान्वित

उपायुक्त ने कहा कि कौन सी योजना आवश्यक है, इसका आंकलन संबंधित क्षेत्र के आधार पर किया जाएगा. योजना को पहले ग्राम सभा से पारित करना होगा, तत्पश्चात इसे गर्वनिंग बॉडी की बैठक में विचारोपरांत ही क्रियान्वित किया जायेगा. उन्होंने सभी कार्यालयों को निर्देश दिया कि वे अपने सभी तरह के पंजी को अपडेट रखें व अभिलेख सुरक्षित रखें.

डीएमएफटी कार्यों का ऑडिट कराया जायेगा

उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि डीएमएफटी के तहत पूर्व में हुए कार्यों का राज्य सरकार द्वारा चिन्हित ऑडिट फर्म से अकाउंट ऑडिट कराया जायेगा. इसके अतिरिक्त सभी योजनाओं का सोशल ऑडिट भी अनिवार्य रूप से किया जायेगा. उपायुक्त ने कहा कि अनुशासन, पारदर्शिता व टीम भावना से ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूत बनाया जा सकता है. जिला प्रशासन का उद्देश्य जनता को समयबद्ध, पारदर्शी व प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है. मौके पर डीपीएलआर मेनका, अपर समाहर्ता, एनडीसी प्रभाष दत्ता, डीपीआरओ रवि कुमार समेत अन्य उपस्थित थे.

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