Bokaro News : नयी सड़क परियोजनाओं से बोकारो के ग्रामीण क्षेत्रों की बदलेगी तस्वीर

Bokaro News : कसमार और इसके सीमावर्ती प्रखंडों में चल रहा निर्माण कार्य, व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगा नया आधार.

दीपक सवाल, कसमार, बोकारो जिले के कसमार और इसके सीमावर्ती प्रखंडों में चल रही तीन बड़ी सड़क परियोजनाएं से क्षेत्र के विकास की दिशा और दशा बदलेगी. ये तीन सड़कें हैं- कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे, ओरमांझी-बोकारो फोरलेन और बरलंगा-कसमार पथ. यह ना केवल यातायात को तेज और सुरक्षित बनाएंगी, बल्कि व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी नया आधार दे सकती हैं. इन परियोजनाओं से लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होने की उम्मीद है.

कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेस-वे से बदलेगा सफर का समय

कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेस-वे इस क्षेत्र की सबसे बड़ी और रणनीतिक परियोजना मानी जा रही है. इसके पूरा होने से कसमार, पेटरवार और जरीडीह प्रखंड की लगभग पांच लाख की आबादी के अलावा बोकारो जिले के अन्य प्रखंडों के साथ-साथ धनबाद और रामगढ़ जैसे सीमावर्ती जिलों के लोगों के लिए भी कोलकाता और बनारस की यात्रा बेहद आसान हो जायेगी. फिलहाल इन शहरों तक पहुंचने में कई घंटे, कभी-कभी पूरा दिन लग जाता है. लेकिन एक्सप्रेस-वे बनने के बाद बोकारो से कोलकाता महज तीन घंटे और बनारस लगभग चार घंटे में पहुंचा जा सकेगा. इसका सबसे बड़ा फायदा व्यापारियों को मिलेगा, जो एक ही दिन में बड़े शहरों से अपना काम निपटाकर वापस लौट सकेंगे. फिलहाल कसमार, पेटरवार और जरीडीह प्रखंड के जो थोक खरीदारी के लिए रांची, पुरुलिया जैसे शहरों पर निर्भर हैं, वे सीधे कोलकाता, बनारस जैसे शहरों से जुड़ जाएंगे. इससे समय की बचत के साथ परिवहन लागत भी कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा.

इंटरचेंज से और आसान होगी कनेक्टिविटी

एक्सप्रेस-वे पर पेटरवार के पास इंटरचेंज का निर्माण किया जा रहा है, जहां बोकारो जिले के लोग सीधे इस मार्ग से जुड़ सकेंगे. वहीं कसमार प्रखंड के बगियारी और जरीडीह प्रखंड के बरवाडीह के पास भी इंटरचेंज बनाने की मांग जोर पकड़ रही है.

एक लाख की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ

27 किमी लंबा बरलांगा-कसमार पथ लगभग पूरा होने की कगार पर है. केवल चार किमी का काम शेष है. इसके पूर्ण होते ही कसमार प्रखंड की लगभग एक लाख आबादी को सीधा लाभ मिलेगा. इसके साथ ही सीमावर्ती जरीडीह प्रखंड के लोग भी इससे लाभान्वित होंगे. यह सड़क बोकारो को बहादुरपुर, कसमार, नेमरा, बरलंगा होते हुए गोला, रामगढ़ और रांची से जोड़ती है. इससे किसान अपने उत्पादों को झालदा, बागमुंडी, पुरुलिया और बलरामपुर जैसे बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे, जिससे कृषि आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है.

ओरमांझी-बोकारो फोरलेन से बढ़ेगा औद्योगिक विकास

ओरमांझी-बोकारो फोरलेन सड़क भी अंतिम चरण में है. इसके शुरू होते ही बोकारो शहर समेत कसमार, पेटरवार और जरीडीह सीधे रांची से जुड़ जाएंगे. इससे भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी. विशेषज्ञों के अनुसार इससे छोटे-बड़े उद्योगों के लिए निवेश का रास्ता खुलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

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