Bokaro News : नगर निगम प्रशासन आइटीआइ मोड़ के किनारे कर रहा कचरा डंप

Bokaro News : चास के मुख्य पथ सहित विभिन्न कॉलोनियों में कचरा का अंबार लगा हुआ है. दुर्गंध से राहगीर सहित स्थानीय दुकानदार हैं परेशान.

चास, चास शहर नगर परिषद से नगर निगम बना. लेकिन चास नगर निगम की सबसे बड़ी समस्या सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ. चास के मुख्य पथ सहित विभिन्न कॉलोनियों में कचरा का अंबार लगा हुआ है. निगम प्रशासन अभी तक कचरा फेंकने के लिए डंपिंग यार्ड नहीं बना सकी. वर्तमान में चास आइटीआइ मोड़ के समीप मुख्य पथ किनारे कचरा का डंपिंग किया जा रहा है. इससे राहगीर सहित स्थानीय दुकानदार और अन्य लोगों को बहुत परेशानी होती है. बड़ी वाहन को शीशा बंद कर किसी तरह पार हो जाते है, लेकिन मोटरसाइकिल सवार और स्कूली बच्चों को बहुत ज्यादा परेशानी होती है. स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे कचरा डंपिंग को रोकने के लिए निगम कार्यालय में कई बार आवेदन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

आइटीआइ मोड़ से जेल मोड़ तक मवेशियों का रहता है जमावड़ा, हादसे की आशंका

आइटीआइ स्थित कचरा डंपिंग स्थल में दिन-रात मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है. गाय सहित अन्य जानवर प्लास्टिक युक्त कचरा खाकर बीमार हो रहे हैं. रात को आइटीआइ मोड़ से जेल मोड़ तक सड़क पर मवेशी घूमते रहते है. सड़क किनारे कचरा डंप होने से कई जानवर बीच सड़क पर बैठे रहते हैं, जिनसे टकरा कर लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. गाड़ी से टकरा कर लगातार जानवर भी जख्मी होते हैं. रात के अंधेरे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. सड़क किनारे डंपिंग यार्ड को बंद कराने के लिए स्थानीय लोग गोलबंद हो रहे है .आगे निगम प्रशासन को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है.

कचरा निस्तारण प्लांट लगाने में विफल

नगर निगम में मुख्य सड़कों पर कचरा डंप करना एक गंभीर और पुरानी समस्या है, जिसका मुख्य कारण कचरा निस्तारण प्लांट का निर्माण नहीं होना .चास नगर निगम पिछले एक दशक से अधिक समय से कचरा निस्तारण प्लांट स्थापित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई स्थाई सफलता नहीं मिली है. स्थानीय निवासी और दुकानदार इन डंपिंग स्थलों का अक्सर विरोध करते हैं, क्योंकि इससे मच्छर जनित बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है और यातायात भी प्रभावित हो रहा है. अगर एक दिन कचरा उठाव बंद हो जाता है तो चास के मुख्य सड़कों पर कचरे का अंबार लग जाता है. त्योहार के समय लोगों को ज्यादा परेशानी होती है. दो-तीन वर्ष पहले चास प्रखंड के अलकुशा गांव के पास में प्लांट निर्माण करने के उद्देश्य से निगम ने जमीन खरीदी, लेकिन अलकुशा में भी ग्रामीणों के विरोध के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है. कचरा निस्तारण प्लांट का निर्माण नहीं होने से स्वच्छता सर्वेक्षण में चास नगर निगम लगातार पिछड़ते जा रहा है.

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