Bokaro News : पांच माह में 1557 लोगों को आवारा कुत्तों ने बनाया शिकार

Bokaro News : बोकारो-चास में आवारा कुत्तों का आतंक, रात में बाइक व साइकिल सवार जान जोखिम में डालकर करते हैं सफर

बोकारो, बोकारो व चास में लगातार आवारा कुत्तों का आंतक बढ़ता जा रहा है. रात को बाइक व साइकिल से आवागम करनेवाले जान जोखिम में डालकर सफर करते है. स्थिति यह हो गयी है कि प्रतिदिन लगभग 50 से 60 लोग कुत्तों के काटने के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे है. अकेले सदर अस्पताल में रोजाना 35 से 40 मरीज आ रहे है. पांच माह में 1557 (जनवरी में 342, फरवरी में 433, मार्च में 349, अप्रैल में 272 व 23 मई तक 161) लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है. चिकित्सकों व फार्मासिस्टों के अनुसार अधिकांश घरेलू कुत्तों के काटने की परेशानी लेकर अस्पताल आते है. आमलोगों ने जिला प्रशासन से आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की है.

रात क्या दिन में भी आवारा कुत्तों का आतंक जारी है. कुत्तों का झुंड अक्सर सेक्टर चार कुमार मंगलम स्टेडियम, सेक्टर चार नूरी मस्जिद, सेक्टर पांच पीएनटी कॉलोनी, सेक्टर चार एफ सूर्य सरोवर मंदिर, सेक्टर छह हनुमान मंदिर, डेली मार्केट मोड़, चास ब्लॉक के समीप, धर्मशाला मोड़, गरगा पुल के समीप मिल जाते हैं. सड़क से गुजरने वाले लोगों पर हमला कर देते हैं. गुजरनेवालों का झुंड काफी दूर तक पीछा भी करता हैं. व्यक्ति की चपेट में आने पर काट लेता है. रात्रि पाली में ड्यूटी से लौटने वाले इस्पातकर्मी पत्थर कट्टा चौक व सेक्टर चार सिटी सेंटर के समीप झुंड के शिकार हो जाते हैं. स्थिति और भयावह होती जा रही है. चीरा चास, मालती लग्जरिया सिटी सहित अन्य रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों का झुंड लगातार मंडराता है. छोटे बच्चों पर अक्सर हमला करता है.

उपायुक्त से की शिकायत

मालती लग्जरिया सिटी कैंपस में रहनेवाले लोग आवारा कुत्तों से परेशान है. लिखित शिकायत डीसी विजया जाधव से कर चुके है. नगर निगम ने अभियान के तहत शुक्रवार को 10 आवारा कुत्तों को पकड़ा. इसके लिए चास मुफस्सिल थाना व सेक्टर छह थाना का सहयोग लिया गया. सीओ दीवाकर दूबे व नगर निगम के अधिकारी लगातार अभियान चलाने की बात कह रहे है. फिलहाल पकड़े गये कुत्तों को वैक्सीनेशन के बाद गिरिडीह भेज दिया गया है.

सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी-रैबिज इंजेक्शन

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी-रैबिज इंजेक्शन उपलब्ध है. रोजाना लगभग 50 लोगों को अस्पताल में कुत्ता, बंदर व सियार से काटने पर इंजेक्शन लगाया जा रहा है. घरेलू कुत्तों के काटने की शिकायत लेकर भी लोग आ रहे है.

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