चंदनकियारी, हारू रजवार के विचार आज भी प्रासंगिक है. वह एक शोध का विषय है. ये बातें सिंदरी के पूर्व विधायक आंनद महतो ने कही. श्री महतो चंदनकियारी में पूर्व विधायक हारू रजवार की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे. श्रद्धांजलि सभा हारू रजवार स्मारक समिति की ओर से आयोजित की गयी थी. इसके पूर्व श्री महतो ने हारू रजवार की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.
पूर्व विधायक श्री महतो ने कहा कि हारू रजवार एक किसान के बेटा के बाद मजदूर बने फिर, काफी संघर्ष के बाद एक जननेता. मजदूर का हक अधिकार की आवाज बने और उन्हें गोली खानी पड़ी. वह गरीब मजदूर का आवाज बन कर उभरे थे. चंदनकियारी चंद्रा कॉलेज की स्थापना कर एक मिसाल कायम की. जब तक लाल हरा किसान मजदूर की राजनीति रहेगी तब तक शोषित लोगों को न्याय मिलेगा. वर्तमान झारखंड सरकार उनकी राजनीतिक विचार से ही आगे बढ़ रही है.विचारों को आत्मसात कर उनके दिखाये मार्ग पर चलने की जरूरत
रजवार सुधार समिति के केंद्रीय अध्यक्ष संतोष रजवार ने कहा कि हारू रजवार की प्रतिमा चंद्रा कॉलेज में स्थापना के लिए सरकार को प्रस्ताव दिया जायेगा. स्वर्गीय रजवार तीन बार विधायक बने. जनता ने उन्हें काका की उपाधी दी. उनके विचार को आत्मसात कर उनके दिखाये मार्ग पर चलने की जरूरत है. श्रद्धांजलि सभा में लालमोहन रजवार, दिलीप ओझा, दिलीप तिवारी, दुलाल प्रमाणिक, जयप्रकाश महथा, रामलाल महतो, अनिता देवी, नरेश रजवार, सुरमी देवी आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
