Bokaro News : आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर बोकारो का आइडिया राष्ट्रीय पटल पर रखा जायेगा : कीर्तिवर्धन सिंह

Bokaro News : वन पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन तथा विदेश राज्यमंत्री ने की योजनाओं की समीक्षा की, दिये दिशा-निर्देश

By Prabhat Khabar News Desk | February 17, 2025 11:45 PM

बोकारो, भारत सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन व विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह सोमवार को बोकारो पहुंचे. बोकारो परिसदन सभागार में उपायुक्त विजया जाधव समेत जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ उन्होंने नीति आयोग की ओर से निर्धारित विकास कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने जिले में संतोषजनक प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर की. केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच के साथ केंद्रों को लर्निंग म्यूजियम के रूप में विकसित करने जैसे प्रयासों पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए इस प्रयोग को राष्ट्रीय पटल पर रखने की बात कही.

स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली का हो इस्तेमाल

केंद्रीय मंत्री ने कृषि, जल संसाधन, बुनियादी ढांचा व वित्तीय समावेशन तथा कौशल विकास के तहत जिले के प्रदर्शन की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने जिले में कम सिंचाई की आवश्यकता वाले धान की फसल की जानकारी ली और जिला कृषि विभाग को लघु सिंचाई में ड्रिप सिंचाई के साथ स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली का इस्तेमाल करने को कहा. पहाड़ी व कम सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में औषधीय पौधा मदार की खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने को कहा.

जिले में चल रही योजनाओं की हुई चर्चा

इस क्रम में अधिकारियों ने जिले में चल रहीं योजनाओं की भी जानकारी दी. इस क्रम में बताया गया कि टीबी की रोकथाम की व्यवस्था की गयी है. माह के नौ व 11 तारीख को विशेष जांच शिविर का आयोजन किया जाता है. स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने को लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों को भी अपग्रेड किया गया है. संस्थागत प्रसव के मामले में जिले का प्रदर्शन शत-प्रतिशत है. शिक्षा के क्षेत्र में भी जिला विभिन्न कैटेगरी में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है.

उपायुक्त ने गिनायी जिले की उपलब्धियां

बोकारो डीसी विजया जाधव ने केंद्रीय मंत्री को क्रमवार स्वास्थ्य-पोषण, शिक्षा, कृषि- जल संसाधन, बुनियादी ढांचा व वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में किये गये कार्य, आकांक्षी जिला- आंकांक्षी प्रखंड का कंपोजिट स्कोर एवं डेल्टा रेंक के संबंध में बताया. स्वास्थ्य व पोषण के क्षेत्र में जिला के लिए प्रमुख चुनौती व जिला प्रशासन की ओर से किए गए प्रयास से अवगत कराया गया. इसमें एनीमिया, ट्यूबरकुलोसिस व स्वास्थ्य सेवा की दिशा में किये गये कार्य को बताया.

टीवी पहचान के लिए लगी 2285 शिविर

डीसी ने बताया कि टीबी की रोकथाम को लेकर कई जागरूकता शिविर, मरीजों के पहचान-उपचार को लेकर 2,285 टीवी शिविर आयोजित किया गया. बेहतर पोषण व बीमारी से तेजी रिकवरी को लेकर 633 टीबी मरीजों के बीच 2,428 फूड बास्केट का वितरण किया गया. वहीं, गर्भवती महिलाओं में एनीमिया नहीं हो, ससमय उनका जांच व उपचार हो इसके लिए जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफटी मद से 124 हेमोग्लोबिनोमीटर उपलब्ध कराया गया है. 4000 से ज्यादा आंगनबाड़ी कर्मियों को तीन माह का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वह तकनीकी रूप से दक्ष हो सकें. प्रत्येक माह के नौ व 11 तारीख को विशेष जांच शिविर का आयोजन किया जाता है. जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने को लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड किया है.

आंगनबाड़ी केंद्रों में एएनसी टेबल, बीपी व वेट मशीन करायी गयी उपलब्ध

डीसी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एएनसी टेबल, बीपी मशीन, वेट मशीन व उपलब्ध करायी गयी है, जहां प्रत्येक सप्ताह के गुरुवार-शनिवार को आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका व स्वास्थ्य विभाग की सहिया-एएनएम की ओर से टीकाकरण व गर्भवती महिलाओं का एएनसी जांच की जाती है. आवश्यकतानुरूप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक, पारा मेडिकल, एएनएम-जीएनएम व माड्यूलर ओटी सदर अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट से उपलब्ध कराया गया है. इसी क्रम में जिला प्रशासन ने सीएसआर के तहत स्वास्थ्य सहियाओं को इलेक्ट्रानिक स्कूटी भी उपलब्ध करायी है, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सकें.

संस्थागत प्रसव में जिला का प्रदर्शन शत-प्रतिशत

संस्थागत प्रसव के मामले में जिला का प्रदर्शन शत-प्रतिशत है. आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र-लर्निंग म्यूजिम के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है. आंगनबाड़ी केंद्रों में 45 खाद्य पदार्थों से निर्मित रेडी टू इट पैकेट की आपूर्ति की जा रही है, जिससे बच्चों को बेहतर पोषण मिल सके. कुपोषित बच्चों को भी कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती कर उन्हें कुपोषण मुक्त किया जा रहा है. वर्तमान में कुपोषण उपचार केंद्रों को अपग्रेड भी किया जा रहा है.

शिक्षा के क्षेत्र में भी बेहतर कर रह जिला

केंद्रीय मंत्री ने छात्र-शिक्षक अनुपात, विद्यालयों में पेयजल की सुविधा, शौचालय की सुविधा आदि के संबंध में जाना. डीसी ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में भी जिला विभिन्न कैटेगरी में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. यह क्रम अभी भी जारी है. सभी विद्यालयों को भी लर्निंग म्यूजियम के रूप में विकसित किया गया है. विद्यालयों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्षाओं का भी निर्माण किया जा रहा है. विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व टैब लैब भी है.

ये थे मौजूद

मौके पर जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी रजनीश कुमार, डीआरडीए निदेशक मेनका, अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, जिला परिवहन पदाधिकारी वंदना शेजवलकर, सिविल सर्जन डॉ अभय प्रसाद, जिला योजना पदाधिकारी राज शर्मा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल चौबे, जिला कल्याण पदाधिकारी एनएस कुजूर, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ मनोज मणि, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, नोडल पदाधिकारी मनरेगा पंकज दूबे, जेएसएलपीएस डीपीएम व अन्य मौजूद थे.

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