कसमार, कसमार प्रखंड के खैराचातर पंचायत स्थित आदिवासी बहुल मेरमहारा गांव में बुधवार को संथाल समुदाय का प्रमुख पर्व बाहा धूमधाम के साथ मनाया गया. पर्व को लेकर गांव में सुबह से ही विशेष चहल-पहल रही. ग्रामीणों ने रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर प्रकृति और देवी-देवताओं से सुख-समृद्धि की कामना की. फूलसुसारी सुकदेव मांझी, पाहन रमेश हेंब्रम, परानिक हाड़ाम शक्ति मरांडी तथा जोग मांझी राहुल हांसदा की देखरेख में पूजा-अर्चना संपन्न हुई. दिनभर धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक विधियों का पालन किया गया. ग्रामीणों ने प्रकृति, जंगल और धरती की पूजा कर अच्छी फसल और खुशहाली की प्रार्थना की. पाहन रमेश हेंब्रम ने कहा कि बाहा पर्व प्रकृति, जंगल और धरती के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है. यह त्योहार समुदाय की संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है, जिसे संथाल समाज बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाता है.शाम होते ही गांव के अखड़ा में नृत्य-गीत का दौर शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा. महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सामूहिक गीत-नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवमय बना दिया. मांदर और ढोल की थाप पर गांव के युवक-युवतियों के साथ बुजुर्ग भी थिरकते नजर आये. कार्यक्रम में रामा तुरी, विकास हेंब्रम, केनाराम हेंब्रम, हराधन, निर्मल, लखीराम, राहुल, विजय, सनातन, करमचंद सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे. वहीं केदला के मनोज हेंब्रम और उनके साथियों ने पारंपरिक संगीत से कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया.
Bokaro News : संस्कृति, परंपरा व एकता का प्रतीक है बाहा पर्व
Bokaro News : कसमार प्रखंड के खैराचातर पंचायत स्थित आदिवासी बहुल मेरमहारा गांव में धूमधाम से मनाया गया पर्व, नृत्य-गीत पर झूमे लोग.
