दो दिनों की बारिश के बाद खेतों में किसानों की चहल-पहल बढ़ गयी है. किसानों ने तैयार खेतों में धान का बीज डालना शुरू कर दिया है. परंपरा के अनुसार किसान रोहिणी नक्षत्र में घर लायी गयी शगुन की मिट्टी को धान के बीज के साथ मिला कर खेतों में डाल रहे हैं. मानना है कि ऐसा करने से फसल अच्छी होती है. किसानों ने बताया कि इस साल समय पर बारिश होने से धान की बुआई के लिए अनुकूल वातावरण बना है. खेतों में पर्याप्त नमी आ गयी है, जिससे बीजों के अंकुरण की संभावना बेहतर हो गयी है. आगे भी मौसम अनुकूल बना रहा तो अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है.
प्राकृतिक खेती व मोटे अनाज पर कार्यशाला का आयोजन
पेटरवार स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा शुक्रवार को प्राकृतिक खेती व मोटे अनाज पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. अध्यक्षता मोर्चा के जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर महथा ने की. मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अर्जुन सिंह, जिला प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रांत उपाध्याय, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक रंजय कुमार सिंह, डॉ सुषमा बाखला और डॉ एसपी सिंह ने किसानों को प्रशिक्षण दिया. कहा कि अधिक उपज के लिए आवश्यकता से अधिक खाद और कीटनाशक दवाओं के प्रयोग के कारण खेत की उपजाऊ क्षमता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है. प्राकृतिक खेती अपनाते हुए खेत को बचाना है. ज्वार, बाजरा, समा, कोदो, कंगनी, कुटकी, चीना जैसे मोटे अनाजों की खेती पर बल देने पर आग्रह किया गया. मौके पर संजय सिन्हा, अनिल स्वर्णकार, अरविंद राय, यदुनंदन जायसवाल, शंकर रजक, त्रिपुरारी नाथ तिवारी, सतीश राय, संटू राय, अनिल महतो, छोगा लाल सिंह, मुकेश ओझा, जय नारायण मरांडी, सुमन सिंह, मेघन महतो आदि उपस्थित थे.
