आमलोगों को डिजिटल तरीके से स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने व केंद्रों से जोडने के लिए सदर अस्पताल में लगातार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लोगों का आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट) पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है.
सीएस डॉ अभय भूषण प्रसाद के समन्वय में डीपीसी (डिसिट्रिक प्रोजेक्ट को-ऑडिनेटर) व सदर उपाधीक्षक के देखरेख में टीम रोजाना 200 लोगों का पंजीकरण कर रही है. अस्पताल आनेवाले मरीज व उसके परिजनों को डिजिटल स्वास्थ्य रिकार्ड को लेकर जागरूक किया जा रहा है.
कागजी रिकार्ड से मिलेगा छुटकारा
सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने बताया कि योजना के पीछे स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह डिजिटल करना है. आभा में पंजीकरण होने के बाद मरीज मोबाइल लेकर अस्पताल आयेंगे. पंजीकरण काउंटर पर लगे स्कैन एंड शेयर में स्कैन करेंगे.
ओपीडी नंबर तुरंत मोबाइल में आयेगा. संबंधित चिकित्सक के पास मरीज का रिकार्ड चला जायेगा. मरीज जब भी इलाज करायेंगे. हेल्थ से जुडी सभी तरह की रिकार्ड आभा लॉकर में अटैच होता जायेगा. मरीज किसी भी आभा पंजीकरण स्वास्थ्य केंद्र पर मोबाइल के साथ जायेंगे. चिकित्सक जानकारी हासिल कर आगे का इलाज शुरू करेंगे. प्रक्रिया अपनाने से स्वास्थ्य से जुडी कागजी रिकार्ड घर में छूट जाने का खतरा खत्म होगा.
आभा पंजीकरण के कई लाभ
डॉ प्रसाद ने बताया कि रोगी पंजीकरण से लेकर उपचार तक की अपनी जानकारी को कागज रहित तरीके से रख सकेंगे. एबीडीएम (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) से जुडी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को खोज सकेगे. आभा के जरिये संबद्ध हो सकेंगे. साथ ही लाभ उठा सकेंगे. पंजीकृत स्वास्थ्य सुविधाओं में पंजीकरण के लिए कतारबद्ध से बच सकेंगे.
आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट नंबर) क्या है?
आभा नंबर रेंडम तरीके से उत्पन्न एक 14 अंक का पंजीकरण है. इसके माध्यम से रोगी अपने सभी स्वास्थ्य रिकार्ड को डिजिटल रूप से जोड सकते है. एक्सेस कर सकते है. साथ ही चिकित्सक से साझा कर सकते है. सत्यापित स्वास्थ्य केंद्र से डिजिटल लैब रिपोर्टस, दवा की परची, रोग निदान परची आदि को आसानी से डिजिटल रूप में ले सकते है.
कैसे बनायें आभा पंजीकरण नंबर
आभा पंजीकरण नंबर प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी से सहायता ले सकते है. कार्ड बनाने के लिए आधार नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग किया जा सकता है. अस्पताल के क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते है. आभा नंबर बनने पर देश के किसी भी पंजीकृत स्वास्थ्य सुविधा केंद्र, सार्वजनिक या निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व स्वास्थ्य व कल्याण केंद्रों पर भी लाभ लिया जा सकता है.
