Bokaro News : बेरमो में सबसे ज्यादा बीएंडके एरिया ने किया उत्पादन

Bokaro News : बेरमो में सबसे ज्यादा कोयला उत्पादन सीसीएल बीएंडके एरिया ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 71 लाख 178 टन किया है, जबकि उत्पादन लक्ष्य 90 लाख टन था.

बेरमो. बेरमो में सबसे ज्यादा कोयला उत्पादन सीसीएल बीएंडके एरिया ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 71 लाख 178 टन किया है, जबकि उत्पादन लक्ष्य 90 लाख टन था. 68,11,662 घन मीटर ओबी निस्तारण किया है, जबकि लक्ष्य 96,500 घन मीटर टन था. 59,47,037 टन कोयला ऑफटेक किया गया है. एरिया की एकेके परियोजना ने 50,79,421, कारो परियोजना ने 18,20,343 तथा बोकारो कोलियरी ने 1,90,413 टन कोयला उत्पादन किया. एरिया के जीएम चितरंजन कुमार ने कहा कि इस वर्ष एकेके व कारो में शिफ्टिंग समस्या का निराकरण करते हुए माइंस का विस्तार किया जायेगा.

बेरमो की सबसे बड़ी परियोजना बनी एकेके ओसीपी

गांधीनगर. सीसीएल बीएंडके एरिया अंतर्गत एकेके ओसीपी समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 50.89 लाख टन कोयला उत्पादन कर बेरमो की सबसे बड़ी परियोजना बनी है. हालांकि परियोजना अपने लक्ष्य 70 लाख टन को प्राप्त नहीं कर सकी है. विभागीय पैचों से 12.25 लाख टन उत्पादन हुआ है, जो पूरे सीसीएल में सबसे अधिक है तथा इसका ग्रोथ लगभग 19 फीसदी का है. परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी केएसएमएल ने 38.64 लाख टन उत्पादन किया है. परियोजना ने कोनार तथा जारंगडीह रेलवे साइडिंग, रोड सेल एवं हाइवा के माध्यम से लगभग 42 लाख 16 हजार 430 टन कोयले का संप्रेषण भी किया है.

पीओ एसके सिंह व मैनेजर सुमेधानंदन ने कहा कि नये वित्तीय वर्ष में परियोजना अपने उत्पादन लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त करेगी. इसके लिए दरगाह मोहल्ला के साथ-साथ बरवाबेड़ा गांव को भी शिफ्ट करने की प्रक्रिया में तेजी लायी जा रही है.

आउटसोर्सिंग कंपनियाें का कमजोर प्रदर्शन : जीएम

कथारा. सीसीएल कथारा क्षेत्र के जीएम संजय कुमार ने ऑफिसर्स क्लब में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य 44.20 लाख टन के मुकाबले 28 लाख 30 हजार 141 टन कोयले का उत्पादन किया. गत वर्ष 28 लाख 61 हजार टन हुआ था. कम उत्पादन का मुख्य कारण जारंगडीह माइंस में दो आउटसोर्सिंग कंपनियाें का कमजोर प्रदर्शन है. एरिया में ओबी निस्तारण 80 लाख क्यूबिक मीटर हुआ, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 12% अधिक है. कथारा कोलियरी ने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नौ लाख 43 हजार 929 टन कोयले का उत्पादन किया. 31 मार्च को 13 हजार टन उत्पादन किया, जो रिकॉर्ड है. स्वांग-गोविंदपुर ने 11 लाख 32 हजार 607 टन उत्पादन किया, जो गत वर्ष से 20% अधिक है. कथारा और स्वांग वाशरी ने मिलकर गत वर्ष की अपेक्षा अधिक उत्पादन व फीड किया. दोनों वाशरी को आठ लाख टन फीड करना था, लेकिन नौ लाख 37 हजार 700 टन किया गया. दो लाख 30 हजार क्लीन कोल उत्पादन करना था, लेकिन दो लाख 41 हजार 861 टन किया गया. कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में क्षेत्र लाभ में आ जायेगा.

ढोरी एरिया ने अपने पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा : जीएम

फुसरो. सीसीएल ढोरी एरिया ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 49.9 लाख टन कोयला का उत्पादन करते हुए कीर्तिमान स्थापित किया है. पिछले वित्तीय वर्ष में 46.13 लाख टन उत्पादन हुआ था. जीएम रंजय सिन्हा ने मंगलवार को अधिकारी क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि ढोरी एरिया ने उत्पादन में अपने पांच वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ा है. उत्पादन लक्ष्य 50.80 लाख टन के मुकाबले 49.9 लाख टन उत्पादन किया है. ओबी निस्तारण में लक्ष्य 90 लाख टन क्यूबिक मीटर के मुकाबले 127.81 क्यूबिक मीटर हुआ. कोल डिस्पैच में लक्ष्य 50.8 लाख टन के मुकाबले 46.61 लाख टन किया. मौके पर एएडीओसीएम पीओ राजीव कुमार सिंह, एसडीओसीएम पीओ शैलेश प्रसाद, खास ढोरी पीओ रंजीत कुमार, क्षेत्रीय एसओपी कुमारी माला व अन्य अधिकारी उपस्थित थे. जीएम ने बताया कि एएडीओसीएम परियोजना ने लक्ष्य 29. 6 लाख टन के मुकाबले 27.79 टन उत्पादन किया. एसडीओसीएम (कल्याणी) परियोजना ने लक्ष्य 20 लाख टन को पार किया. खास ढोरी अंडर ग्राउंड माइंस ने लक्ष्य 1.20 लाख टन से अधिक 1.30 लाख टन कोयला उत्पादन किया. जीएम ने कहा कि वित्तीय 2025-26 में ढोरी एरिया का कोयला उत्पादन लक्ष्य 54 लाख टन है. एएडीसीएम परियोजना में हाइवाल माइनिंग इस वर्ष शुरू की जायेगी. बंद पिछरी व अंगवाली माइंस संभवतः इस वर्ष चालू हो जायेगी.

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By JANAK SINGH CHOUDHARY

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