Bokaro News : बेरमो के प्रसिद्ध कमेंटेटर निर्भय शंकर सिन्हा नहीं रहे

Bokaro News : बेरमो कोयलांचल के संडे बाजार निवासी 51 वर्षीय निर्भय शंकर सिन्हा नहीं रहे. उनकी पहचान कोल इंडिया व सीसीएल के बेस्ट कमेंटेटर और बेहतरीन क्रिकेटर के रूप में थी.

बेरमो/गांधीनगर. बेरमो कोयलांचल के संडे बाजार निवासी 51 वर्षीय निर्भय शंकर सिन्हा नहीं रहे. उनकी पहचान कोल इंडिया व सीसीएल के बेस्ट कमेंटेटर और बेहतरीन क्रिकेटर के रूप में थी. शुक्रवार को रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. वह लंबे समय से लीवर की बीमारी से ग्रसित थे. दोपहर में शव संडे बाजार नीचे क्वार्टर स्थित आवास लाया गया. क्षेत्र के कई लोगों ने श्रद्धांजलि दी. स्व सिन्हा सीसीएल के हजारीबाग एरिया में कार्यरत थे. परिवार में पत्नी, तीन पुत्री व एक पुत्र हैं. घटना पर पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडे, विधायक कुमार जयमंगल, जिप सदस्य टीनू सिंह, श्रमिक प्रतिनिधि सुजीत कुमार घोष, वीरेंद्र कुमार सिंह, सुबोध सिंह पवार, वरुण कुमार सिंह, योगेंद्र सोनार, विजय कुमार भोई, मनोज पासवान, आफताब आलम खान, तापस मुखर्जी, अशोक कुमार, एनके त्रिपाठी, पिंटू, मनोज सिंह पवार, संतोष सिन्हा, आनंद विद्यार्थी, जयनाथ तांती, अफजल अनीश, तापस राय, उज्जवल चक्रवर्ती, इंद्रजीत सिंह, शंकर सिन्हा, मुन्ना सिन्हा, बिट्टू सिन्हा, मनोज सिन्हा, विवेक कुमार सिन्हा, हेमंत हांसदा आदि ने शोक जताया है.

सीसीएल की क्रिकेट टीम में महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलते थे क्रिकेट

90 के दशक में सीसीएल की क्रिकेट टीम हुआ करती थी, उस समय महेंद्र सिंह धौनी के साथ निर्भय शंकर सिन्हा व कथारा के अशोक काश्मीर भी क्रिकेट खेलते थे. स्व सिन्हा के मित्र अशोक काश्मीर ने कहा कि हमलोग कोल इंडिया की विभिन्न स्तर की प्रतियोगिताओं में सीसीएल की ओर से क्रिकेट खेलते थे. कई दफा मेडल जीते. निर्भय शानदार विकेटकीपर थे. सेवानिवृत्त सीसीएल कर्मी गांधीनगर निवासी तापस कुमार मुखर्जी ने कहा कि कोल इंडिया व सीसीएल स्तर पर आयोजित होने वाला कल्चरल मीट निर्भय के बगैर अधूरा रहता था. वह हयूमरस स्कीट में हमेशा हिस्सा लेते थे.

बाबा रामदेव व अमिताभ बच्चन की आवाज की करते थे नकल

निर्भय शंकर सिन्हा कई कलाकारों का नकल करते थे. लेकिन बाबा रामदेव के वेशभूषा में उनकी आवाज हू-ब-हू नकल करते थे. फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज की नकल से वह किसी कार्यक्रम में समां बांध देते थे. सीसीएल की विभिन्न परियोजनाओं में हर साल होने वाले खान सुरक्षा सप्ताह में वह अपनी अदाकारी जरूर प्रस्तुत करते थे. कहीं भी फुटबॉल, किक्रेट, वॉलीबॉल या अन्य खेल प्रतियोगिता होने पर कमेंटेटर के दर्शकों की पहली पसंद वही थे.

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By JANAK SINGH CHOUDHARY

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