लाल बहादुर शास्त्री सेवा समिति व चित्रगुप्त महापरिवार बोकारो जिला के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को बोकारो क्लब सेक्टर पांच में बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ कार्यशाला व चित्रांश महासम्मेलन का आयोजन किया गया. इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बोकारो जिला सहित झारखंड के सैकड़ों लोग शामिल हुए.
केंद्र सरकार के पूर्व मंत्री व कांग्रेस के पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज से एकजुट होने का आह्वान किया. कहा कि कायस्थों को हर क्षेत्र में एक होना जरूरी है, चाहे वह राजनीति का क्षेत्र हो या सामाजिक क्षेत्र. जब भी राज्य व जिला स्तरीय कार्यक्रम हो…सभी लोग मिलकर काम करें और यह दिखाएं कि हम कितना मजबूत हैं.विशिष्ट अतिथि बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने कहा कि किसी भी समाज के विकास लिए शिक्षित व संगठित हाेना जरूरी है. कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है. खासकर, युवाओं से आगे आने व आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया. कहा कि बेटियों को खूब पढ़ायें और आगे बढ़ायें. कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व विधायक अभयकांत प्रसाद, राजीव रंजन के अलावा गिरिडीह, धनबाद, कोडरमा, सिमडेगा, रांची, हजारीबाग व रामगढ़ जिला की कई समितियाें के पदाधिकारी उपस्थित थे. बोकारो जिला से संबंधित 28 समितियाें कोयलांचल व लोहांचल की उपस्थिति रही. आयोजन में भैया प्रीतम, राज श्रीवास्तव, सुदीप सिन्हा, अरुण सिन्हा, रमन सिन्हा, अनल कुमार, केपी सिन्हा, संजय सिन्हा, रतन लाल, ओंकार सिन्हा, ललित सिन्हा, प्रवीण सिन्हा, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, ललित वर्मा आदि का सहयोग रहा. आगे भी ऐसा आयोजन करने की बात कही गयी.
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में कायस्थ समाज के साथ ही देश के ज्वलंत सामाजिक व आर्थिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया. मुख्य रूप से वर्तमान दौर के बदलते परिवेश में सामाजिक, पारिवारिक व राजनीतिक क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण स्थिति पर चर्चा के साथ कायस्थ जाति के सशक्तिकरण पर चर्चा हुई. कार्यक्रम में बोकारो संगीत कला अकादमी-सेक्टर चार के बच्चों ने देशभक्ति गीत, शिव तांडव व स्वागत गीत प्रस्तुत किये.
आरक्षण के कारण युवाओं को होना पड़ रहा है सरकारी नौकरियों से वंचित : डॉ प्रणव
कायस्थों में चेतना, एकता और जागरूकता सबसे ज्यादा जरूरी है. कायस्थ जाति केवल अपने विकास, उन्नयन और आपसी एकजुटता के साथ राष्ट्रीय व सामाजिक विकास को भी प्राथमिकता देती है. यह बातें लाल बहादुर शास्त्री सेवा समिति के सलाहकार डॉ प्रणव कुमार बब्बू ने कही. वे बोकारो में रविवार को आयोजित चित्रांश महासम्मेलन व कार्यशाला में शामिल होने पहुंचे थे. डॉ प्रणव ने कहा कि आरक्षण और संख्या बल के कारण कायस्थ जाति के युवाओं को सरकारी नौकरियों से वंचित रहना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में आत्मनिर्भरता के विकल्प की तलाश करना बहुत अधिक आवश्यक है. डॉ प्रणव ने बताया कि सम्मेलन में कायस्थ जाति की महिलाओं के सशक्तिकरण व आत्मनिर्भरता, आर्थिक तंगी के कारण कारण युवतियों की वैवाहिक समस्याएं और बदलते हुए सामाजिक-आर्थिक परिवेश के कारण वरिष्ठ नागरिकों के जीवन निर्वाह की समस्या व उनके समक्ष उत्पन्न चुनौतियों के साथ आपसी एकजुटता और राजनीतिक उपेक्षा जैसी कई गंभीर समस्याओं पर चिंतन-मनन किया गया. बेटियों को पढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संदर्भ में चित्रगुप्त महापरिवार द्वारा आयोजित किये जानेवाले कार्यक्रमों पर विशेष रूप से चर्चा हुई.
