12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल को लेकर इंटक, एटक, एचएमएमएस, सीटू और एक्टू की ओर से कोयला मजदूरों के लिए कन्वेंशन का आयोजन करगली महिला मंडप में किया गया. अध्यक्षता सीएस झा, दिगंबर महतो, महारुद्र सिंह, विजय भाई व बालेश्वर गोप की मंडली ने की. संबोधित करते हुए एटक के लखन लाल महतो ने कहा कि चार लेबर कोड से मजदूरों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. यह मजदूरों के लिए नहीं, बल्कि मालिकों के लिए बनाया गया है. स्थाई नौकरी एवं सामूहिक सौदेबाजी की अवधारणा को खत्म कर दिया गया. सीटू के राष्ट्रीय सचिव एवं कोल फेडरेशन के महासचिव डीडी रामानंद ने कहा कि मजदूरों के सामने करो या मरो की स्थिति है. हड़ताल को सफल करना समय की पुकार है. कोयला मजदूरों को अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है. सीटू के आरपी सिंह, इंटक के श्यामल कुमार, एटक के सुजीत कुमार घोष, हिंद मजदूर सभा के टीनू सिंह व एक्टू के भुवनेश्वर केवट ने भी कोयला मजदूरों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. कहा कि कोल इंडिया को तोड़ने का प्रयास है तथा इसका विनिवेश किया जा रहा है. विकास सिंह, ब्रृज बिहारी पांडे, दिगंबर महतो, जवाहरलाल यादव, नरेश महतो, महारूद्र सिंह, संतोष कुमार ओझा, आरएस पांडे, जय नारायण महतो, भुवनेश्वर केवट ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर इंटक के सुबोध सिंह पवार, शिवनंदन चौहान, गणेश मल्लाह, पुनीत महतो, एटक के गणेश प्रसाद महतो, नवीन विश्वकर्मा, मनोज मंडल, भीम महतो, जितेंद्र दुबे, बुटल महतो, मथुरा सिंह यादव, रामविलास रजवार, पप्पू लाला, देवाशीष रजवार, बलराम नायक, विश्वनाथ महतो, परण महतो, एसके आचार्य, सीटू से श्याम बिहारी सिंह दिनकर, पंकज महतो जयनाथ मेहता, गोवर्धन रविदास, मनोज पासवान, एक्टू से राजदेव चौहान पंचानन मंडल, गोविंद मंडल, बैजनाथ मिस्त्री सहित प्रताप सिंह, आभाष चंद्र गांगुली, गोविंद मंडल, बैजनाथ कुमार आदि मौजूद थे.
याचिका पर पुनर्विचार की मांग
कन्वेंशन में एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रेड यूनियन के संबंध में की गयी टिप्पणी को वापस लेने की मांग
