''क्लासरूम की पढ़ाई को प्रभावशाली बनाने में कारगर है कृत्रिम बुद्धिमत्ता''

डीपीएस बोकारो में सीबीएसई द्वारा आयोजित कार्यशाला में शिक्षकों ने क्लासरूम की पढ़ाई को प्रभावशाली बनाने के लिए एआई के उपयोग के गुर सीखे।

वरीय संवाददाता, बोकारो नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप शिक्षकों के अध्यापन-कौशल में संवर्द्धन के प्रयासों की कड़ी में शनिवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो में शिक्षकों के लिए एकदिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई. सीबीएसई के पटना उत्कृष्टता केंद्र के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का विषय क्लासरूम की पढ़ाई में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की उपयोगिता था. इसमें विद्यालय के दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अध्यापन में एआई की उपयोगिता के गुर सीखे. रिसोर्स पर्सन के रूप में होलीक्रॉस स्कूल बालीडीह के वरीय शिक्षक संजय कुमार सेनापति व एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका दिव्या पांडेय शामिल रहीं.

श्री सेनापति ने बताया : किस प्रकार विद्यार्थियों के समग्र विकास से लेकर उनके भावनात्मक, सामाजिक व नैतिक मूल्यों के विकास में शिक्षकों का अहम योगदान है. दिव्या पांडेय ने पारंपरिक शिक्षण प्रणाली व आज के अत्याधुनिक शिक्षण परिवेश की. कहा : क्लासरूम की पढ़ाई को प्रभावशाली बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को काफी महत्वपूर्ण है. डीपीएस बोकारो के प्राचार्य व सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. एएस गंगवार ने ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से शिक्षकों की शिक्षण क्षमता निखारने की दिशा में सीबीएसई के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय की मांग है, जो डिजिटल युग में एक तकनीकी क्रांति से कम नहीं. इस पर पूरी तरह निर्भर होने की बजाय इसकी सहायता लेकर शिक्षक पढ़ाई-लिखाई को और प्रभावशाली व विद्यार्थियों के लिए अधिक लाभप्रद बना सकते हैं.


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Author: Sunil kumar tiwari

Published by: Janardan Pandey

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