कोयला उद्योग में कार्यरत करीब 2.14 लाख कर्मियों के लिए वेतनमान समझौता-11 की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो जायेगी. एक जुलाई 2026 से वेतनमान समझौता-12 की अवधि शुरू होगी.
एटक नेता व जेबीसीसीआइ सदस्य लखनलाल महतो का कहना है कि वेतनमान समझौता-12 के लिए जेबीसीसीआइ की बैठक होगी या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है. केंद्र सरकार द्वारा पारित चार लेबर कोड में कहीं भी जेबीसीसीआइ की बैठक या उसकी व्यवस्था का उल्लेख नहीं है. आशंका है कि अब जेबीसीसीआइ के स्थान पर वार्ताकार परिषद का गठन किया जा सकता है. इस परिषद में वहीं यूनियनें शामिल हो पायेंगी, जिसे कम से कम 20 फीसदी मजदूरों का समर्थन प्राप्त होगा. 40 फीसदी समर्थन वाली यूनियन के दो पदाधिकारी इसमें शामिल होंगे. जबकि 51 फीसदी या इससे अधिक समर्थन प्राप्त करने वाली यूनियन कोल नेगोसिएटिंग यूनियन मानी जायेगी और वेतन समझोता पर उसका एकाधिकार रहेगा. श्री महतो का कहना है कि वर्तमान हालात को देखते हुए करीब 90 फीसदी यूनियनों के लिए 20 फीसदी समर्थन जुटा पाना कठिन लग रहा है. ऐसे में अधिकतर यूनियनें वार्ताकार परिषद से बाहर हो जायेंगी. इसके बाद यूनियन चुप नहीं बैठेगी और कोयला उद्योग में औद्योगिक अशांति का खतरा बढ़ सकता है.यूनियनें भेजेंगी चार्टर ऑफ डिमांड
वेतनमान समझौता-12 की अवधि शुरू होने से पूर्व कोल सेक्टर के मान्यता प्राप्त पांचों यूनियनें बीएमएस, एचएमएस, इंटक, एटक व सीटू की ओर से कोल इंडिया प्रबंधन को चार्टर ऑफ डिमांड भेजा जायेगा. अलग-अलग यूनियनें हर वेतन समझौता से पहले अपना अलग-अलग चार्टर ऑफ डिमांड भेजती रही है. हालांकि पिछले दो वेतन समझौता से यूनियनों द्वारा कॉमन चार्टर ऑफ डिमांड भेजा जा रहा है. बताते चले कि कोयला उद्योग में कार्यरत मान्यता प्राप्त यूनियनों की ओर से जेबीसीसीआइ के कितने सदस्य नामित होंगे, इसका फैसला कोयला मंत्रालय करता है. इसके लिए तय तिथि के अंदर यूनियनों को रेगुलर व अल्टरनेट सदस्यों की सूची सरकार को उपलब्ध करानी होती है. जेबीसीसीआइ में कोल इंडिया प्रबंधन और मजदूर संगठनों के लोग शामिल रहते हैं. यूनियनों की माने तो कोल इंडिया का घटता मैन पावर, बदली हुई कानूनी व्यवस्था तथा नयी वार्ता प्रणाली के बीच वेतनमान समझौता-12 को अंतिम रूप देना बड़ी चुनौती साबित हो सकती है.जेबीसीसीआइ-11 में किसके कितने थे मेंबर
वेतनमान समझौता-11 को लेकर गठित जेबीसीसीआइ में बीएमएस व एचएमएस का चार-चार तथा एटक व सीटू के तीन-तीन रेगुलर व अल्टरनेट मेंबर थे. इंटक वेतन समझौता की अंतिम बैठक में शामिल हुई थी तथा अन्य चारों ट्रेड यूनियनों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किया था. वेतनमान समझौता-11 के समय वर्ष 2021 कोल इंडिया का मैन पावर 2.59 लाख था. वर्तमान में यह 2.14 लाख है.
पिछली बार वेतन में 19 फीसदी हुई थी बढ़ाेतरी
वेतनमान समझौता-11 में कोलकर्मियों के वेतन में 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. राशि में 4899 से लेकर 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी. इसके अलावा पहली बार पितृत्व अवकाश के अलावा आंबेडकर जयंती पर एक दिन की छुट्टी दी गयी थी. 20 मई 2023 को फाइनल एग्रीमेंट पर पांचों सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने हस्ताक्षर किया था. 11वां वेतन समझौता करीब एक साल 11 माह विलंब से हुआ था.
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