मदरसा गुलशन-ए-अजमेर कमेटी रजा नगर की ओर से शनिवार की रात को पुराना बीडीओ ऑफिस फुसरो में नूरे मुस्तफा कांफ्रेंस सह दस्तारबंदी पर जलसा का आयोजन किया गया. दरभंगा बिहार से आये पीर-ए-तरीकत सैय्यद मो अरमान मुबारकी, कोलकाता के मौलाना शेखावत हुसैन बरकाती, मुफ्ती कलीम नूरी, गिरिडीह के शायर अख्तर कासिम, मो शम्स तबरेज, कारी सादिक हुसैन उपस्थित थे. मदरसा में तालीम लेकर हाफिज बने आठ बच्चों का दस्तारबंदी किया गया.
कई को दस्तार बांध कर किया गया सम्मानित
पीरे तरीकत मुबारकी ने कहा कि कुरआन केवल मुसलमान के लिए ही नहीं, दुनिया के इंसानों की रहनुमाई के लिए है. अगर जिंदगी और आखिरत में सफल होना चाहते हैं तो कुरआन की रस्सी को मजबूती से पकड़ लें. मौलाना बरकाती ने कहा कि कुरआन की तालीम जितने लोगों तक पहुंचेगी, मुल्क में उतना ही अमन-चैन, आपसी प्यार, और भाईचारगी का पैगाम बढ़ेगा. जलसा के दौरान मदरसा गुलशन-ए-अजमेर में तालीम लेने वाले हजारीबाग के मो आदिल व मो रजा, बिहार के साहिल रजा व मो इमरान, फुसरो के मो अली, पुरूलिया के इंजमामूल हक एवं अरबाज खान, टाटा के मो सिराज के हाफिज-ए-कुरआन बनने पर दस्तार बांध कर सम्मानित किया. यहां मौलाना मुबारक, हाफिज एहसानुल होदा, हाफिज हाशिम, हाफिज मो इरशाद, मौलाना जमाल कादरी, हाफिज शिवली सहित सभी समुदाय के लोग मौजूद थे.
