ललपनिया, महुआटांड़ और रामगढ़ क्षेत्र के 28 मजदूरों को बिहार के गया जिला में ईंट भट्ठा में काम करने के लिए ले जाया गया, लेकिन मजदूरी नहीं दी गयी. वहां इन्हें बंधक बना कर काम कराया जा रहा था. ये लोग वहां से भाग कर रामगढ़ से कोठार स्थित श्रम विभाग के कार्यालय पहुंचे. इसमें 14 मजदूर महुआटांड़ क्षेत्र के रहने वाले हैं. चार दिनों से श्रम अधीक्षक द्वारा वहां उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गयी है. शनिवार को गोमिया में भाकपा नेता इफ्तेखार महमूद श्रम अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और मजदूरों से मिले. मजदूरों ने बताया कि गया में आठ महीना से सिर्फ खाने का पैसा देकर काम कराया जा रहा था. मजदूरी नहीं दी जाती थी. पहले भी काम छोड़ कर आने का प्रयास किया था, लेकिन भट्ठा मलिक ने बलपूर्वक काम करते रहने के लिए बाध्य कर दिया था. हमलोगों का लगभग 10 लाख रुपया भट्ठा मालिक के पास बकाया है. इफ्तेखार महमूद ने श्रम अधीक्षक से बकाया मजदूरी का भुगतान कराने तथा इनके घर जाने के लिए व्यवस्था करने का आग्रह किया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
