स्टील क्लस्टर की स्थापना की दिशा में बढ़ा एक और कदम

छह हजार एकड़ भूमि की है जरूरत बोकारो : बोकारो में स्टील क्लस्टर की स्थापना को लेकर प्रस्ताव तैयार करने की दिशा में कार्रवाई शुरू हो गयी है. छह हजार एकड़ भूमि पर प्रस्तावित स्टील क्लस्टर के लिए प्रारंभिक तौर पर नजरी नक्शा बनाकर प्रस्ताव तैयार किया गया है. उसके अलावा बीएसएल अधिग्रहित क्षेत्रों में […]

छह हजार एकड़ भूमि की है जरूरत

बोकारो : बोकारो में स्टील क्लस्टर की स्थापना को लेकर प्रस्ताव तैयार करने की दिशा में कार्रवाई शुरू हो गयी है. छह हजार एकड़ भूमि पर प्रस्तावित स्टील क्लस्टर के लिए प्रारंभिक तौर पर नजरी नक्शा बनाकर प्रस्ताव तैयार किया गया है. उसके अलावा बीएसएल अधिग्रहित क्षेत्रों में भी और जमीन की तलाश की जा रही है.
इसमें बोकारो स्टील प्लांट की सहयोगी कंपनियों की स्थापना की जायेगी. इनमें इस्पात की सेकेंड्री प्रोडक्ट बनाने की फैक्ट्रियाें के साथ-साथ स्टील को उन्नत रूप देने व उससे संबंधित सामग्री का निर्माण किया जायेगा. बताते चलें कि केंद्र सरकार ने मंत्रालयों, राज्य सरकारों व उद्यमियों के साथ परामर्श करने के बाद इस्पात उप केंद्रों के निर्माण व उन्नयन के लिए नीति बनायी है. इस्पात उप केंद्रों के लिए सेल के बोकारो व टाटा स्टील के कलिंग नगर (ओड़िसा ) को चिह्नित किया गया है.
ढाई हजार एकड़ में क्लस्टर व ढाई हजार एकड़ में आधारभूत संरचना : इस योजना के तहत बोकारो में ढाई हजार एकड़ में क्लस्टर व ढाई हजार एकड़ में पूरा शहर व आधारभूत संरचना का विकास किया जायेगा. इसके लिए रेलवे फाटक के पास खाली भूमि को चिह्नित किया गया है. रोजगार के साथ-साथ बोकारो की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी. स्टील क्लस्टर बनने से बोकारो में निवेश का बड़ा रास्ता खुलेगा. यहां स्टील प्लांट के आसपास इस्पात की सेकेंड्री प्रोडक्ट बनाने की फैक्ट्रियां खुलेंगी. इससे बोकारो में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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