रॉयल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट देने में आनाकानी कर रहा बीएसएल प्रबंधन

बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन को या तो पता नहीं है कि उसके विभिन्न विभाग के निर्माण कार्य में कितनी सामग्री का उपयोग हो रहा है, या फिर वह बताना नहीं चाह रहा है. दरअसल जिला खनन विभाग पिछले साल से ही बीएसएल प्रबंधन से पत्राचार कर विभिन्न विभाग के निर्माण कार्य में इस्तेमाल […]

बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन को या तो पता नहीं है कि उसके विभिन्न विभाग के निर्माण कार्य में कितनी सामग्री का उपयोग हो रहा है, या फिर वह बताना नहीं चाह रहा है. दरअसल जिला खनन विभाग पिछले साल से ही बीएसएल प्रबंधन से पत्राचार कर विभिन्न विभाग के निर्माण कार्य में इस्तेमाल में आये ईंट, बालू व गिट्टी का रॉयल्टी क्लियरेंस सर्टिफिकेट मांग रहा है, ताकि सरकारी राजस्व या राजस्व की क्षति का आकलन किया जा सके. लेकिन, बीएसएल प्रबंधन ने अभी तक पत्र का जवाब नहीं दिया है.

खनन विभाग का मानना है कि बीएसएल में बड़े पैमाने पर ठेकेदार कंस्ट्रक्शन काम कर रहे हैं. आधुनिकीकरण व विस्तारीकरण के लिए करोड़ों की योजना पर काम चल रहा है. साथ ही प्लांट के इंफ्रास्ट्रक्चर व टाउनशिप में भी काम चल रहा है. कहीं न कहीं इस कार्य में इस्तेमाल में आने वाले माइनर मिनरल के लिए बीएसएल रॉयल्टी का भुगतान नहीं कर रहा है. इससे राजस्व को क्षति पहुंच रही है. इसी को लेकर विभाग ने बीएसएल प्रबंधन को पत्र लिखा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >